मिली मदद / सिंगबहाल जलाशय से पीड़ित 188 किसानों को सात साल बाद मिला 8 करोड़ मुआवजा

188 farmers suffering from Singbahal reservoir received 8 crore compensation after seven years
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188 farmers suffering from Singbahal reservoir received 8 crore compensation after seven years

  • विधायक किस्मतलाल ने किसानों को बांटे चेक, 55 किसानों को 2.60 करोड़ बांटा जा चुका

दैनिक भास्कर

May 29, 2020, 05:00 AM IST

सरायपाली. सिंगबहाल जलाशय में नहर निर्माण के दौरान अधिग्रहित किसानों के जमीन का मुआवजा सात साल मिला है। सरायपाली एसडीएम कुणाल दुदावत एवं सरायपाली विधायक किस्मतलाल नंद के प्रयास से सालों पुराने जलाशयों के नहर निर्माण के मुआवजा प्रकरण की लंबित मांग आखिरकार अब जाकर पूरी हुई है। सात गांव के 188 किसानों के मुआवजा प्रकरण का 8 करोड़ रुपए स्वीकृत हुआ है। किसानों को चेक के माध्यम से नहर की मुआवजा राशि विधायक की ओर से दी जा रही है। 
एसडीएम द्वारा प्रेस वार्ता में उक्त जानकारी दी गई। भगत सरायपाली के किसान ने बताया कि कोरोना वायरस से पूरा देश लॉकडाउन से गुजर रहा है। लॉकडाउन में सरायपाली विधायक किस्मतलाल नंद एवं सरायपाली एसडीएम कुणाल दुदावत के प्रयास से ही 7 साल के बाद यह मुआवजा मिला है जो एक संजीवनी के रूप की तरह काम करेगा। अभी भी कुछ गांव के मुआवजा राशि आना शेष है। सिंगबहाल जलाशय में नहर निर्माण में तिहारीपाली, लांती के किसानों को मुआवजा राशि दिया जा रहा है। सूखापाली, कलेण्डा, चारभांठा, खरसियां बहाल, मौलीखार, भगतसरायपाली, बोईरमाल के किसानों का मुआवजा राशि आना शेष है। इसके अलावा कनपला, कापूकुण्डा, पेलागढ़, बुटीपाली के लिए भी मुआवजा राशि आ चुकी है। कुल 7 गांव के 188 किसानों के लिए 8 करोड़ 17 लाख 34 हजार 440 रुपए आ चुके है।अब तक 55 किसानों को 2 करोड़ 60 लाख 79 हजार 875 रुपए बांटा जा चुका है। सरायपाली विधायक किस्मतलाल नंद ने चेक के माध्यम से 12 किसानों को मुआवजा का चेक प्रदान किया। चेक वितरण करते समय संबंधित हल्का क्षेत्र के आरआई पटवारी भी मौके पर मौजूद रहे।
क्या है मामला 
दरअसल साल 2012-13 में सिंगबहाल जलाशय में नहर निर्माण के लिए किसानों का जमीन अधिग्रहित हुआ था। पिछले सात साल से ग्रामीण मुआवजा के लिए कई बार अधिकारियों से फरियाद लगा चुके थे। इसके बावजूद उनकी मांग सुनी नहीं जा रही थी। 7 साल के इंतजार के बाद किसानों को मुआवजा के लंबित मामले की राशि मिल रही है।
जलाशय को पर्यटन क्षेत्र बनाने की मांग
लघु सिंचाई जलाशयों में से सबसे बड़ा सिंगबहाल जलाशय है, जो कि 1478 हेक्टेयर में है। सिंगबहाल जलाशय के बीच के प्राकृतिक टापू को विकसित कर पर्यटन क्षेत्र बनाने लोगों ने मांग उठाई है। यह टापू जलाशय के उपरी हिस्सा में स्पष्ट नजर आता है। इसमें बारिश को छोड़कर अन्य दिनों में पैदल पहुंचा जा सकता है। गनियारीपाली मार्ग से जलाशय के पार पर पहुंचा जा सकता है। एनएच से इसकी दूरी 4 किलोमीटर है। सिंगबहाल जलाशय अच्छी बारिश होने पर भर जाता है। इसका कैचमेंट एरिया काफी बड़ा है। इसमें दिसंबर तक काफी पानी रहता है। इसलिए इस टापू को विकसित कर एक बेहतर पर्यटन क्षेत्र बनाया जा सकता है। एसडीओ टीआर वर्मा का कहना है कि सिंचाई विभाग इसे पर्यटन क्षेत्र विकसित नहीं कर सकता है। शासन से अनुमति लेकर पर्यटन विभाग ही यहां विकास करा सकता है।

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