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ये गलत है:60 हजार की आबादी में रोज 50-60 लोग ही टीका लगवा रहे

सुहेला2 महीने पहले
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  • निकल चुके हैं 32 पॉजिटिव, सुहेला अस्पताल के अंतर्गत 52 गांवों के लोग समझाने पर भी आगे नहीं आ रहे, 3 सेंटर बंद करना पड़ा

गुरुवार को 75 एंटीजन और 25 आरटीपीसीआर टेस्ट में 14 और शुक्रवार को किए गए 84 रैपिड टेस्ट में 18 लोग पॉजिटिव निकले हैंं परंतु शासन, स्वास्थ्य विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा जागरूक करने के बावजूद सुहेला अस्पताल के अंतर्गत आने वाले 52 गांवों की 60 हजार की आबादी में रोज केवल 50-60 लोग ही कोरोना का टीका लगवाने आ रहे हैं जो क्षेत्रफल व संख्या के हिसाब से काफी कम है। उल्लेखनीय है कि 3 सेंटरों जांगड़ा, जरौद और मोहरा को लोगों के न आने के कारण पहले ही बंद किया जा चुका है।

कोरोना के भयावह संक्रमणकाल में जब शहरों व अन्य प्रदेशों में वैक्सीनेशन के लिए भागमभाग मची हुई है तब दुष्प्रचार के कारण अंचल के वैक्सीनेशन केंद्रों में लोगों का नहीं आना चिंता का विषय है। वह भी तब जब प्रतिदिन किए जाने वाले कोविड टेस्ट में 20 से 25 प्रतिशत लोग कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले 2 दिनों से हिरमी केंद्र में केवल 40-40 और रावन में 20-20 लोगों ने ही वैक्सीन लगवाई है जबकि सुहेला में गुरुवार को कोई नहीं आया और शुक्रवार को मात्र 10 लोगों ने वैक्सीन लगवाई।

उल्लेखनीय है कि एक 1 वॉयल में 10 लोगों के लिए वैक्सीन होती है और जब तक 10 लोग इकट्ठे ना हो जाएं वैक्सीन नहीं लगाई जा सकती इसलिए 10 से कम लोगोंं के आने पर उन्हें बिना टीका लगाए वापस कर दिया जाता है।अस्पताल व्दारा अंचल में करीब 8 वैक्सीनेशन सेंटर खोलकर लोगों को टीका लगाने के लिए प्रेरित किया जाता रहा है। नायब तहसीलदार ममता ठाकुर ने भी विभिन्न पंचायतों में जाकर लोगों के बीच बताया कि मास्क, सैनिटाइजर, सोशल डिस्टेंसिंग और हाथ धोने के अलावा वैक्सीन ही इस बीमारी का विकल्प है।ममता ठाकुर ने शुक्रवार को सीएम भूपेश बघेल के साथ अधिकारियों की वर्चुअल मीटिंग की। उन्होंने कहा कि वैक्सीन लगवाने के लिए लोगों को और जागरूक किया जाएगा।

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