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लापरवाही भारी पड़ेगी:परिजन के विरोध के बीच 5 कोरोना मरीज लाए गए कोविड सेंटर

सुकमाएक महीने पहले
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  • एंटीजन किट में पॉजिटिव मिलने के बाद भी घूम रहे थे ग्रामीण, बुदड़ी से 4 और सामसेट्टी से एक को कराया भर्ती

जिले में शुक्रवार को बुदड़ी के काकड़ीआमा गांव और सामसेट्‌टी में कोरोना मरीजों को लाने गई टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। इसके बाद बुदड़ी से 5 में से 4 और सामसेट्‌टी के 1 मरीज को कोविड सेंटर लाया गया। दरअसल, शबरी नदी के तट पर बुड़दी पंचायत के काकड़ीआमा में बुधवार को एंटीजन टेस्ट में 5 ग्रामीण पॉजिटिव मिले थे। स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता ने उन्हें एंबुलेंस आने तक होम आइसोलेशन में रहने कहा था पर वे जंगल की ओर भाग गए। नोडल अफसर रवि साहू ने तहसीलदार को बताया तो बुधवार शाम को तहसीलदार पीएल नाग ने 4 ग्रामीणों पर छिंदगढ़ थाने में केस दर्ज कराया।

मरीज के परिजनों ने पहले विरोध किया फिर समझाने पर माने, एक मरीज को अब भी गांव में रखा
अगले दिन गुुरुवार सुबह 8 बजे जनपद पंचायत सीईओ कैलाश कश्यप की अगुवाई मेें पुलिस व राजस्व अमले के साथ मेडिकल टीम एंबुलेंस लेकर काकड़ीआमा गांव पहुंची। संक्रमित ग्रामीणों के परिजन व उनके रिश्तेदारों ने शुरुआत में तो विरोध जताते हुए प्रशासनिक टीम के साथ अभ्रदता भी की। बाद में अफसरों की समझाइश पर परिजन मान गए। कोरोना संक्रमित 4 ग्रामीण एंबुलेंस में आकर बैठ गए लेकिन एक संक्रमित ग्रामीण गांव से भाग निकला। उसकी तलाश में उसके घर गई पुलिस व प्रशासनिक टीम के सदस्यों के साथ संक्रमित के परिजनोंं ने दुर्व्यवहार कर उन्हंे लौटा दिया।

चार संक्रमितों को एंबुलेंस में लेकर टीम जिला मुख्यालय लौट आई। उन्हेें इलाज के लिए स्थानीय कोविड केयर सेंटर में एडमिट कराया गया। जनपद सीईओ ने बताया कि पांचवें संक्रमित व्यक्ति को गांव वालों ने गांव से दूर खेत की लाड़ी में रखा है। शुक्रवार को स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मदद से गांव वालों को समझाइश दी गई है। शनिवार को संक्रमित ग्रामीण लेने एंबुलेंस भेजी जाएगी। उन्होंने पुलिस व प्रशासनिक अमले पर कोरोना संंक्रमित ग्रामीणों के परिजन व ग्रामीणों द्वारा पथराव किए जाने की बात से साफ इंकार किया।

नाबालिग को लेने गई टीम का पिता ने किया विरोध
गुरुवार को सामसेट्‌टी गांव निवासी 15 वर्षीय युवक एंटीजन किट टेस्ट में कोरोना पॉजिटिव पाया गया। गुरुवार देर शाम युवक को लेने एम्बुलेंस गांव पहुंची। पिता ने मेडिकल टीम के साथ दुर्व्यवहार किया और एम्बुलेंस को लौटा दिया। बताया गया कि युवक का पिता गांव का पेरमा है। उसे विश्वास था कि वह अपने बेटे को पूजा-पाठ से ठीक कर लेगा। शुक्रवार सुबह तहसीलदार पीएल नाग मेडिकल टीम के साथ सामसेट्‌टी पहुंचे। युवक के पिता व उनके परिजनों को साथ गांव वालों को भी समझाइश दी। जिसके बाद उसे कोविड सेंटर में एडमिट कराया गया।

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