रानी के अंगरक्षक की गुंडागर्दी:ढाबे में गन लोड कर पीएसओ ने धमकाया मारपीट के दौरान फायरिंग, छह गिरफ्तार

खैरागढ़19 दिन पहले
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पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पीएसओ के माथे पर पट्‌टी। - Dainik Bhaskar
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पीएसओ के माथे पर पट्‌टी।

राजा स्व. देवव्रत सिंह की दूसरी पत्नी विभा सिंह के पीएसओ ने शनिवार रात जमकर उत्पात मचाया। ढाबे में खाना खाने के दौरान कुछ युवकों से हुआ विवाद देर रात तक चला। मारपीट के दौरान पीएसओ के गन से गोली भी चली। मामले में पुलिस ने पीएसओ ईश्वर सिंह सहित दो पक्षों के 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की सूचना के बाद सीएएफ के अफसर ने पीएसओ को सस्पेंड कर दिया है। विवाद की शुरुआत खैरागढ़ के धरमपुरा में मौजूद ढाबा से हुई।

यहां शिव मंदिर रोड में रहने वाले देवा सिंह राजपूत, विक्की राजपूत, हेमंत रजक और रिजवान उर्फ लक्की सोलंकी खाना खाने गए थे। रात करीब 11 बजे ढाबा में विभा सिंह का पीएसओ ईश्वर सिंह अपने साथी मृणाल सिंह के साथ पहुंचा। ढाबा में खाने के दौरान किसी बात को लेकर ईश्वर सिंह और देवा के बीच विवाद हो गया। दोनों पक्षों का विवाद इतना बढ़ा कि पीएसओ ईश्वर सिंह ने अपनी गन लोड कर डाली और देवा के सीने में टिका दिया।

चौक में फिर तानी पिस्टल, यहीं से बढ़ा विवाद
कुछ देर गाली गलौज के बाद मामला शांत हुआ और सभी वहां से लौट गए। लेकिन रात में विवाद और बढ़ गया। पुलिस ने बताया कि ढाबा में दोनों पक्षों का विवाद शांत हो गया। इसके बाद देवा और उसके साथी जय स्तंभ चौक के पास आ गए। जहां पीछे से ईश्वर सिंह और मृणाल सिंह पहुंचे। यहां दोनों पक्षों के बीच फिर धक्का मुक्की और मारपीट हुई। जहां एक बार फिर पीएसओ ईश्वर सिंह ने पिस्टल तान दी। कुछ देर बाद देवा अपने साथियों को लेकर मृणाल सिंह के घर के बाहर जमातपारा पहुंच गया। जहां दोनों पक्ष एक बार फिर भिड़ गए। यहीं मारपीट के दौरान गोली चल गई। हालाकि यह गोली किसी को भी नहीं लगी। पुलिस ने कारतूस का खोखा भी बरामद किया है। मामले में अभी जांच जारी है।

दोनों पक्षों की शिकायत के बाद हुई गिरफ्तारी
मामले की शिकायत दोनों पक्षों ने थाने पहुंचकर की। इसके बाद पुलिस ने विभा सिंह के पीएसओ ईश्वर सिंह, मृणाल सिंह सहित देवा राजपूत, विक्की राजपूत, रिजवान उर्फ लक्की सोलंकी और हेमंत रजक को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

नए जिले में कानून व्यवस्था के दावे फेल
खैरागढ़ ही केसीजी जिले का मुख्यालय है। जहां कानून व्यवस्था को लेकर एसपी ने खुद बैठक लेकर तमाम दावे किए थे। लेकिन इस तरह की घटनाओं से पुलिस के तमाम दावों की पोल खुल रही है। देर रात तक ढाबों में जम रही भीड़ और फिर ऐसे विवाद पुलिसिंग पर सवाल खड़े कर रहे हैं। शनिवार रात हुई इस घटना में गोली तक चल गई। संयोग से गोली किसी को नहीं लगी, अगर ऐसा होता तो बड़ी घटना हो सकती थी। दोनों पक्ष अलग- अलग जगहों पर विवाद भी करते रहें। लेकिन पुलिस को इसकी भनक नहीं लगी। बहरहाल, आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। वहीं एएसपी नेहा वर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती है।

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