जिपं की साधारण सभा:बिना जानकारी स्कूल मरम्मत के लिए बन गई फाइल, अन्य मामलों में भी घिरे अफसर

राजनांदगांव2 महीने पहले
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बैठक में सवाल उठाए गए, अफसरों पर योजनाओं पर गंभीरता से कार्य नहीं करने के भी आरोप लगे। - Dainik Bhaskar
बैठक में सवाल उठाए गए, अफसरों पर योजनाओं पर गंभीरता से कार्य नहीं करने के भी आरोप लगे।

जिला पंचायत में सोमवार को साधारण सभा की बैठक हुई। इसमें जिला पंचायत सदस्यों ने अलग-अलग मुद्दों पर अफसरों के सामने सवाल रखे। इसमें खासकर सड़कों की मरम्मत, सुगम सड़क योजना और स्कूलों के लिए समग्र शिक्षा मिशन के तहत मिली स्वीकृति के मुद्दे उठे। भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्यों ने कहा कि समग्र शिक्षा मिशन के तहत स्कूलों की मरम्मत के लिए राशि स्वीकृति की गई है। लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी तक नहीं दी गई है।

बगैर डिमांड या अनुशंसा के जनपदों में स्कूलों के मरम्मत के लिए फाइल तैयार हो गई। खुद जनपद के सदस्यों को ही नहीं बताया गया है कि उनके क्षेत्र के किन स्कूलों का मरम्मत किए जाने की तैयारी है। इसके अलावा जर्जर स्कूलों की जानकारी तक नहीं मांगी गई है। जबकि किन स्कूल भवनों को मरम्मत की अधिक आवश्यकता है, उसकी जानकारी स्थानीय जनप्रतनिधियों को होती है। बावजूद इसके प्रशासनिक स्तर पर ही स्कूलों का चयन कर मरम्मत के लिए सूची तैयार की जा रही है।

पेटी ठेकेदारों को सौंपा काम, मनमानी कर रहे हैं
जिला पंचायत सभापति अशोक देवांगन ने जल जीवन मिशन के तहत गांवों में हो रहे कार्यों पर भी सवाल उठाए। ठेकेदारों ने सारा काम पेटी ठेकेदारों को सौंप दिया है। जो मनमाने ढंग से लोकल पाइप का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन इसकी मॉनिटरिंग नहीं की जा रही है। इसके अलावा ड्राइ एरिया में बनी टंकी और दिए गए नल कनेक्शन को लेकर भी सभापति देवांगन ने सवाल उठाए। उन्होंने पूरे मामले की गंभीरता से जांच की मांग की।

सीएम के लौटते ही बंद कर दिया मरम्मत कार्य
लोक निर्माण विभाग ने जर्जर सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू किया है। लेकिन जिला पंचायत सदस्यों ने बैठक में आरोप लगाया कि सीएम के लौटने के बाद इस काम को बंद कर दिया गया है। सीएम के दौरे के दौरान युद्ध स्तर पर सड़कों की मरम्मत का कार्य किया जा रहा था। लेकिन अब ज्यादातर मरम्मत कार्य रोक दिए गए हैं। जबकि मोहला मानपुर जिले की भी कई सड़क बुरी तरह जर्जर हो चुकी है। गांवों में भी बुरा हाल है।

खरीदी केंद्रों में जाम की स्थिति, किसान परेशान
खरीदी केंद्रों से हो रहे धीमे उठाव का मामला भी साधारण सभा की बैठक में उठा। जिपं सदस्यों ने कहा कि ज्यादातर केंद्रों में खरीदी बफर लिमिट के पार हो गई है। धान का परिवहन धीमी गति से चल रहा है। इसके चलते खरीदी प्रभावित होने लगी है। टोकन मिलने के बाद भी किसान समय पर अपना धान नहीं बेच पा रहे हैं। उन्हें सप्ताह भर तक का इंतजार करना पड़ रहा है। उठाव में तेजी नहीं लाए तो किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

राशन कार्ड बनवाने भटक रहे लोग, गति बेहद धीमी
साधारण सभा की बैठक में राशन कार्ड संबंधित मामला भी उठा। सदस्यों ने अपने क्षेत्र में राशन कार्ड को लेकर आ रही समस्याओं को भी फूड विभाग के अफसरों के सामने रखा। सदस्यों ने कहा कि राशन कार्ड बनाने की गति काफी धीमी है। लोग आवेदन करने के बाद बार-बार जनपदों का चक्कर लगा रहे हैं। कार्ड बनाने के लिए कोई निर्धारित अवधि भी तय नहीं की गई है।

दर्री एनीकट मामले में अफसरों ने रखा पक्ष
डोंगरगांव के दर्री एनीकट में बारिश के दौरान बहे खेत का मामला भी बैठक में उठा। इसमें पिछली बैठक में रखे गए सवाल का जवाब अफसरों ने प्रस्तुत किया। अफसरों ने कहा कि घटना के वक्त एनीकट के तीन गेट खुले थे, इसके बाद भी एप्रोच बहने की घटना हुई। इस पर जिपं सदस्यों ने विभागी अफसरों के जवाब को गलत बताया। सदस्यों ने अफसरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। जिसकी वजह से किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। हालाकि मामले में एनीकट की प्रभारी अभियंता को सस्पेंड भी किया जा चुका है।

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