सम्मान निधि में सेंध:सरकारी अधिकारी, कर्मचारी भी योजना का ले रहे थे लाभ; 33612 अपात्र किसानों से होगी ‌29.46 करोड़ की वसूली

राजनांदगांवएक महीने पहले
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलना है जो कि आयकर दाता नहीं हैं। वहीं सरकारी नौकरी नहीं करते हैं। बी वन खाते में हिस्सेदारी भी नहीं होनी चाहिए पर जिले में कई अपात्र किसानों को सम्मान निधि योजना के तहत किस्त जारी की जा रही थी। कृषि विभाग की ओर से पात्रता सूची का वेरीफिकेशन किया गया तो पता चला कि जिले में 33 हजार 612 किसान अपात्र हैं और इन्हें अलग-अलग किश्तों में सम्मान निधि की राशि जारी की गई है।

वेरीफिकेशन के बाद अपात्र किसानों से 29 करोड़ 46 लाख 91 हजार रुपए की वसूली की जानी है। कृषि विभाग की ओर से ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से राशि की वसूली की जा रही है। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अब घर-घर दस्तक देकर राशि वसूल रहे हैं। अब तक 35 हजार रुपए वसूल कर पाएं हैं। प्रधानमंत्री की ओर से छोटे किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के नाम से सम्मान निधि योजना की शुरुआत की गई है। वर्ष 2019 में इस योजना की शुरुआत की गई, तब किसानों से फाॅर्म भरवाए गए। स्पष्ट किया गया था कि किसान नौकरीपेशा नहीं होना चाहिए, आयकर दाता के दायरे में नहीं आना चाहिए।

जानिए, जिले में योजना की स्थिति इस प्रकार से है

  • अपात्र पाए गए : 33612
  • आयकर दाता : 3000
  • वसूलना है : 29 करोड़ 46 लाख 91 हजार

कृषि विभाग की ओर से वेरीफिकेशन के बाद अब किसानों से राशि वापस मांग रहे हैं

आधार लिंक से हुआ गड़बड़ी का खुलासा
इसी तरह एक फरवरी 2019 के बाद खेत खरीदने वाले किसान भी पात्रता की सूची में नहीं आते हैं। बावजूद इसके कई अपात्र किसानों ने भी आवेदन कर दिया था और इन्हें केन्द्र सरकार की ओर से किस्त जारी की जा रही थी। अपात्रों को भी योजना का लाभ दिए जाने की शिकायत सामने आने पर वेरीफिकेशन किया गया।

आधार लिंक के माध्यम से वेरीफिकेशन करने से कई किसान सरकारी नौकरी वाले निकले, जिनके नाम पर जमीन थी और वे योजना का लाभ ले रहे थे। जांच के बाद इन किसानों की सूची अलग से तैयार की गई। बताया गया कि कृषि विभाग की ओर से एक और सूची तैयार की गई है, जिसमें 3 हजार किसान तो आयकर दाता निकले हैं।

पावती लेकर घर पहुंच रहे कृषि विस्तार अधिकारी
कृषि विभाग की ओर से राशि वसूली के लिए ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। विभाग की ओर से एक पावती तैयार की गई है, जिसमें किसानों द्वारा अब तक लिए गए किश्त का उल्लेख है। अपात्र होने की जानकारी देते हुए किसानों से राशि वापस मांगी जा रही है। खबर है कि राशि वसूली का यह काम राजस्व विभाग को फॉरवर्ड किया जाएगा।

राजस्व विभाग से अब कृषि विभाग में फारवर्ड किया
शुरुआत में पूरा काम राजस्व विभाग कर रहा था। फार्मेट में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि अपात्र होने पर राशि वसूल की जाएगी पर कई किसानों ने जानबूझकर जानकारी छिपाते हुए फॉर्म सबमिट कर दिया राजस्व विभाग से अब इस योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी कृषि विभाग को दे दी गई है।

सालभर में चार किस्त
किसानों को दिसंबर, जनवरी और फरवरी में पहली किस्त, मार्च, अप्रैल और मई में दूसरी, जून, जुलाई और अगस्त में तीसरी किस्त और सितंबर, अक्टूबर व नवंबर में चौथी किस्त जारी की जाती है। कई अपात्र किसानों ने 10 से 11 किस्त ले चुके हैं। चार किस्तों में कुल 8 हजार दे रहे हैं। कृषि विभाग के उप संचालक जीएस धुर्वे ने बताया कि किसानों से राशि वापस ले रहे हैं।

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