इस साल केंद्रों में रिकार्ड धान खरीदी:97 लाख क्विंटल धान की खरीदी अब तीन दिन ही शेष, परिवहन पर होगा फोकस

राजनांदगांव3 दिन पहले
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समर्थन मूल्य में हो रही धान खरीदी नया रिकार्ड दर्ज करते जा रही है। तीनों जिलों को मिलाकर अब तक 97 लाख क्विंटल धान खरीदी हो चुकी है। यह बीते सालों की तुलना में कही अधिक है। धान खरीदी के लिए अब भी तीन दिन का समय शेष है। इस दौरान करीब पांच हजार किसान अपनी उपज बेचेंगे। धान खरीदी पहले नंवबर से शुरू की गई है। इसके लिए तीनों जिलों को मिलाकर करीब 2 लाख 18 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था।

जिसकी तुलना में अब तक 2 लाख 13 हजार किसान अपनी उपज बेच चुके हैं। इन किसानों को करीब 2 हजार करोड़ रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है। सरकार ने तीनों जिले से धान खरीदी के लिए 92 लाख क्विंटल का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन अब तक 97 लाख क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। यह अपने आप में रिकार्ड है। तीनों जिले का मिलाकर धान खरीदी कभी इस स्तर तक नहीं पहुंची थी। अब अंतिम दौर में जिला प्रशासन परिवहन पर फोकस कर रही है। खरीदी केंद्रों से उठाव तेज करने के लिए प्रयास किया जा रहा है।

फटे बारदानों की वापसी का संशय
इधर सोसाइटियों में अब भी फटे बारदानों की वापसी को लेकर संशय की स्थिति है। दरअसल मिलर्स ने बड़ी मात्रा में फटे बारदानों की सप्लाई खरीदी केंद्रों में की है। अगर यह बारदाने वापस नहीं हुए तो इसका नुकसान सोसाइटियों को उठाना पड़ेगा। हालाकि सोसाइटी प्रभारियों ने इसकी सूचना जिला प्रशासन को दे दी है। सभी बारदानों को खरीदी खत्म होने के बाद वापस करने का आश्वासन भी दिया गया है।

650 करोड़ रुपए कर्ज की भी वसूली
किसानों को धान खरीदी के तीसरे ही दिन खातों में राशि का भुगतान किया जा रहा है। अब तक तीनों जिले के किसानों को 2 हजार करोड़ से कुछ अधिक राशि का भुगतान किया जा चुका है। वहीं किसानों को खरीफ फसल के लिए दिए गए कर्ज की वसूली भी लगभग पूरी हो चुकी है। किसानों को 650 करोड़ रुपए का कर्ज कृषि के लिए दिया गया था, अफसरों ने बताया कि यह कर्ज भी लगभग वसूल हो चुका है।

अब मंडी में पहुंचने लगा बंपर धान
समर्थन मूल्य में खरीदी खत्म होने के बाद किसान अब अपनी शेष उपज कृषि मंडी में बेचने पहुंच रहे हैं। मंडी में रोजाना 18 हजार कट्टा धान पहुंच रहा है। हालाकि मंडी में किसानों को धान का बेहतर दाम नहीं मिल पा रहा है। लेकिन धान बेचने के लिए इसके अलावा कोई दूसरा विकल्प भी किसानों के पास नहीं बचा है। ऐसे में शेष उपज को किसानों को मंडी में बेच रहे हैं। इधर रबी सीजन की तैयारी भी तेजी से जारी है।

अब तक 77 लाख क्विंटल का हो चुका परिवहन
बंपर खरीदी के साथ इस बार परिवहन भी स्थिति भी बेहतर रही है। यही वजह है कि अब तक 77 लाख क्विंटल का परिवहन केंद्रों से किया जा चुका है। जबकि 20 लाख क्विंटल धान अब भी केंद्रों में मौजूद है। जिसका तेजी से उठाव के लिए डीओ जारी किया जा रहा है। प्रशासन ने फरवरी के पहले ही पखवाड़े में धान का उठाव पूरा कर लेने की बात मिलर्स से कही है। इधर सोसाइटी प्रभारियों ने भी जल्द से जल्द धान का उठाव करने की मांग की है। ताकि सूखत की स्थिति निर्मित न हों।

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