कलेक्टर ने ली स्कूल और बस संचालकों की बैठक:स्कूल बसों का फिटनेस जांचेंगे, 12 साल पुरानी बसें नहीं चलेंगी, बच्चों की सुरक्षा पर फोकस

राजनांदगांवएक महीने पहले
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स्कूल बसों का संचालन सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार ही किया जाएगा। बच्चों की सुरक्षा में जरा भी चूक होगी तो संबंधित स्कूल और बस संचालक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार प्रत्येक स्कूल बस को छग मोटर यान नियम और उप नियमों के अनुसार पीला रंग में रंगा जाएगा तथा वाहन के सामने एवं पीछे स्कूल बस अंकित किया जाएगा।

स्कूल बस के पीछे भाग में दोनों ओर 9 इंच की एक पट्टी पर स्कूल का नाम पता एवं टेलीफोन मोबाइल नंबर अंकित किया जाएगा। स्कूल बस 12 वर्षों से अधिक पुरानी नहीं होगी। स्कूल बस में ओवरलोड नहीं होगी। बसों के खिड़कियों में समांतर जाली की व्यवस्था की जाएगी। प्रत्येक स्कूल बस में प्राथमिक उपचार पेटी एवं अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था होगी। शुक्रवार को कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा एवं एसपी संतोष सिंह ने जिले में संचालित निजी विद्यालयों के बस संचालकों की बैठक लेकर बच्चों की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी गाइडलाइन की जानकारी से अवगत कराया गया।

जरूरी प्रमाण पत्र रखना होगा, बैठक में दी जानकारी
संविदा वाहन के लिए मोटरयान अधिनियम अंतर्गत विहित उपयुक्तता प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा। प्रत्येक स्कूल बस में बीमा प्रमाण पत्र, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र एवं कर्ज माफ होने का प्रमाण पत्र रखना होगा। स्कूल बस को विद्यालय के गेट में खड़ा नहीं किया जाएगा। इसके लिए निर्धारित स्टॉपेज सुनिश्चित करना होगा। प्रत्येक बस में आया एवं परिचालक अनिवार्य रूप से बस में मौजूद रहेगा।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं
कलेक्टर ने कहा कि बच्चे की सुरक्षा प्राथमिकता से होनी चाहिए। बच्चे की सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार की कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी प्रकार से कोई चूक अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। बच्चे की सुरक्षा बेहद जरूरी है।

कैमरे की निगरानी में रखें
एसपी संतोष सिंह ने कहा कि बच्चे की सुरक्षा सबसे अहम है। कोई एक छोटी सी घटना से पूरे स्कूल की प्रतिष्ठा पर सवाल खड़ा हो जाता है। सभी निजी विद्यालयों को गाइडलाइन का पालन करने के साथ अपने स्तर पर बेहद सजगता से ध्यान रखना होगा। स्कूल परिसर को कैमरा की निगरानी में रखें।

इस गाइड लाइन का करना होगा पालन

  • प्रत्येक स्कूल बस में प्राथमिक उपचार पेटी एवं अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था होगी। मेडिकल किट विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं आपातकालीन स्थितियों में निपटने के लिए प्रशिक्षित परिचालक होगा।
  • बसों का संचालन ऐसे चालक द्वारा किया जाएगा जो जिसके पास ड्राइविंग लाइसेंस हो तथा भारी यान चलाने के लिए न्यूनतम 5 वर्ष का अनुभव हो।
  • ऐसे चालकों को नियोजित नहीं किया जाएगा जिनका सड़क पर लेन व्यवस्था को उल्लंघन करने सिग्नल लाइट का उल्लंघन करने या अनधिकृत व्यक्तियों को वाहन में चढ़ाने पर वर्ष में दो बार से अधिक चालान किया गया हो।
  • ऐसे चालक नियोजित नहीं किया जाएगा जिसका एक बार भी अनियंत्रित गति से नशे की हालात में वाहन चलाने तथा खतरनाक ढंग से वाहन संचालन करने के अपराध में चालान किया गया हो।
  • स्कूल संस्थान द्वारा वाहन के चालक से इस आशय का शपथ पत्र लिया जाएगा। विद्यार्थियों को छोड़कर सिर्फ सुरक्षा उपायों को चेक करने किसी विद्यार्थी के अभिभावक अथवा शैक्षणिक संस्थान के शिक्षक को ही ले जाने की अनुमति होगी।
  • प्रत्येक स्कूल बस में सीट के नीचे बस्ता रखने के लिए पर्याप्त स्थान होगा। स्कूल बसों का संचालन विहित गति सीमा के भीतर ही किया जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक बस में स्पीड गवर्नर लगाया जाएगा।
  • बस के दाहिने और एक आपातकालीन दरवाजा होगा जो हमेशा अच्छी स्थिति में बंद रहेगा। जिसे केवल आपातकालीन स्थिति में ही खोला जाएगा। स्कूल बस का प्रवेश द्वार विश्वसनीय लॉकिंग सिस्टम से युक्त होगा।
  • बस की खिड़कियों में फिल्म युक्त रंगीन कांच अथवा पर्दे नहीं लगाए जाएंगे। ऐसे सुरक्षा कांच जो मोटर यान नियम में प्रावधानित को ही लगाया जाएगा। प्रेशर हार्न नहीं लगाया जाएगा।
  • रात्रि में संचालन करने पर स्कूल बस के अंदर नीले रंग का बल्ब लगाया जाएगा। बस का नियमित रूप से रखरखाव किया जाएगा। स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
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