पहली बार बड़े अधिकारी को नोटिस:एंबुलेंस नहीं मिली, कलेक्टर को नोटिस

सुकमाएक महीने पहले
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जिले के कांकेरलंका निवासी गर्भवती महिला के प्रसव के कुछ घंटें में नवजात शिशु की मौत के बाद आदिवासी दंपती को कांकेरलंका गांव वापस लौटने के लिए दोरनापाल अस्पताल में एम्बुलेंस नहीं मिलने पर घंटों इंतजार करना पड़ा था। स्थानीय लोगों को मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों के अलावा कलेक्टर विनीत नंदनवार को दे आदिवासी दंपती के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध कराने जरुरी कार्रवाई करने की गुहार लगाई। बावजूद देर रात तक एम्बुलेंस नहीं मिलने के बाद आखिरकार एक निजी वाहन से आदिवासी दंपती को कांकेरलंका छोड़ा गया।

घटना को लेकर मीडिया में बुधवार को खबर आने के बाद स्वत: संज्ञान लेते हुए एनएचआरसी ( राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग) ने छग के प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग एवं कलेक्टर सुकमा को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। इलाके में इस तरह केा पहला मामला है जब ऐसे मामले को लेकर बडे अधिकाारियों को नोटिस दिया गया।

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