समीक्षा बैठक:कलेक्टर ने कहा मितानिन घर-घर जाकर करें मलेरिया जांच

सुकमाएक महीने पहले
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बैठक में शामिल स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग के अफसर। - Dainik Bhaskar
बैठक में शामिल स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग के अफसर।

संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में शुक्रवार को कलेक्टर विनीत नंदनवार ने स्वास्थ्य विभाग व महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने मलेरिया मुक्त अभियान, गहन डायरिया पखवाड़ा, एनीमिया मुक्त अभियान, कोविड टीकाकरण और नियमित टीकाकरण के साथ ही गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच से संबंधित बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में एसडीएम प्रीति दुर्गम, सीएमएचओ सीबीपी बनसोड, महिला एवं बाल विकास अधिकारी बिश्मिता पाटले, जिला समन्वयक यूनिसेफ राजेश बघेल सहित बीएमओ, जिला मिशन समन्वयक, ग्रामीण स्वास्थ्य अधिकारी, परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर मौजूद रहे।

कलेक्टर ने मैदानी स्तर पर कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन को मलेरिया मुक्त अभियान अंतर्गत घर-घर में मच्छरदानी वितरण कर उनका उपयोग करने कहा। स्वास्थ्य टीम को घर-घर दस्तक देकर मलेरिया जांच करने कहा।

टीकाकरण में तेजी लाएं: कलेक्टर

कलेक्टर ने कोविड टीकाकरण की समीक्षा करते हुए टीकाकरण में तेजी लाने और कोविड टेस्ट को प्राथमिकता में रखने कहा। कोविड-19 प्रकरण की पहचान कर पूर्व निदान करने, दूसरे डोज, प्रिकॉशन डोज के साथ ही 12 से 14 व 15 से 18 वर्ष के पूर्ण टीकाकरण के लिए स्कूल, आश्रम शाला, पोटाकेबिन, आंगनबाड़ी का रूट चार्ट तैयार कर कार्य संपादित करने को कहा।

उन्होंने कहा कि आमजन के मध्य जल जनित बीमारियों को लेकर जागरूकता लाने के लिए मैदानी अमले की जिम्मेदारी सबसे अधिक है। मितानिन, आंबा कार्यकर्ता के साथ ही जागरूकता के लिए स्वंय सेवक व एनएसएस का सहयोग लेने की बात भी उन्होंने कही।

ओआरएस बांटने व मॉनिटरिंग करने कहा

कलेक्टर ने गहन डायरिया पखवाड़ा संचालन एवं प्रबंधन के लिए सभी घरों में ओआरएस पैकेट मितानिन के माध्यम से वितरण करने को कहा। जन समुदाय को गरम खाना खाने और अपने हाथों को भोजन से पूर्व एवं शौच के बाद साबुन से धोने के लिए प्रेरित करने के लिए जन जागरूकता करने के लिए निर्देश दिया। आंगनबाड़ी व प्राथमिक स्कूलों में प्राथमिकता से बच्चों को साफ सफाई और जल जनित बीमारियों से बचाव के उपाय करने के लिए शिक्षित करने को कहा है।

एनीमिया मुक्त अभियान के तहत शिक्षा विभाग, महिला व बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग को समन्वय कर एनीमिक किशोरी बालिकाओं, महिलाओं का चिह्नांकन कर उन्हें आयरन फोलिक एसिड टैबलेट उपलब्ध कराने कहा।

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