CG में हाथियों का आतंक जारी..2 लोगों को मारा डाला:बुजुर्ग की दौड़ा-दौड़ाकर जान ली, महिला को पैर से कुचला; कई मकान तोड़े

सूरजपुर16 दिन पहले

सूरजपुर जिले में हाथियों ने 2 लोगों को मार दिया है। पहले तो बुजुर्ग की दौड़ा-दौड़ाकर जान ली है। इसके बाद एक महिला को पैर से कुचल दिया है। इसके अलावा पिछले कुछ दिनों में कई मकान भी तोड़ दिए हैं। मामला प्रेमनगर वन परिक्षेत्र का है। ऐसा पहली बार नहीं है कि जिले में हाथियों ने आतंक मचाया है। इसके पहले भी हाथी जिले में कई लोगों की जान ले चुके हैं।

प्रेमनगर वन परिक्षेत्र में पिछले 4 दिनों से 11 हाथियों का झुंड घूम रहा है। ये हाथी कई बार ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच चुके हैं। जहां उन्होंने 12 से ज्यादा मकानों को तबाह किया है। साथ ही फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। बताया जा रहा है कि इन्हीं हाथियों का झुंड शनिवार रात को करीब 10.30 से 11 के बीच अभयपुर गांव पहुंचा था। यहां हाथियों ने गांव के जंगल में रुके हुए मनबोध(70) की दौड़ा-दौड़ाकर जान ले ली।

इस तरह से कई झोपड़ी और मकान को हाथी तबाह कर चुके हैं।
इस तरह से कई झोपड़ी और मकान को हाथी तबाह कर चुके हैं।

मना करने पर भी नहीं माना

आस-पास के लोगों ने बताया कि मनबोध को वन विभाग और उसके परिजनों ने मना किया था कि जंगल के अंदर ना जाए। फिर भी वह नहीं माना और अंदर बने तीन फूटे स्थान पर गया था। यहां पर चबूतरा बनाकर गोंड़ आदिवासी पूजा करते हैं। मनबोध भी गोंड़ है, इसलिए वह रोज चबूतरे के पास जाया करता था।

इस बीच शनिवार रात को वहां पर हाथी अचानक पहुंच गए। उस समय गांव के कुछ लोग और वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद थी। टीम ने उसे वहां भी कहा था कि घर चले जाओ। मगर वह नहीं माना। इसी दौरान हाथी अचानक पहुंचे और उस पर हमला कर दिया। बचने के लिए मनबोध वहां से भागा भी। लेकिन हाथी ने दौड़ा-दौड़कर उसे मार दिया। वहीं बाकी के लोग किसी तरह से वहां से जान बचाकर भाग गए थे।

महिला की इस तरह से मिली लाश।
महिला की इस तरह से मिली लाश।

इसके बाद इन्हीं 11 हाथियों का झूंड अभयपुर गांव के आगे जनार्दनपुर गांव पहुंचा था। अभयपुर से इस गांव की दूरी लगभग 2 से 3 किलोमीटर होगी। वहां के जंगल के अंदर के एक झोपड़ी में रायमति(70) नाम की बुजुर्ग महिला सो रही थी। रात को करीब 2 से 3 बजे के बीच पहुंचे हाथियों ने पहले तो उसके झोपड़ी को तोड़ा। फिर महिला को पैर से बुरी तरह कुचल दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।

परिजनों को 25-25 हजार की मदद

इधर, वन विभाग की टीम अभयपुर की घटना के बाद मौके पर पहुंची। तब उन्हें मनबोध की लाश मिली थी। वहीं वन विभाग को जनार्दनपुर की घटना के बारे में पता चला। जिसके बाद दोनों शवों को बरामद कर रविवार सुबह पीएम के लिए भेजा गया था। उधर वन विभाग ने दोनों के परिजनों को 25-25 हजार रुपए की मदद की है। वन विभाग का कहना है कि हम लगातार हाथियों के मूवमेंट पर नजर रख रहे हैं। लगातार लोगों से अपील की जा रही है कि किसी भी हाल में हाथियों के नजदीक ना जाएं। यदि कहीं पर भी हाथियों को देखें तो भी हमें सूचना दें।

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