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मदद के लिए आगे आई पुलिस:स्वास्थ्य विभाग की मदद के लिए पुलिस की 10 नई गाड़ियां करेंगी सहयोग, एंबुलेंस की समस्या होगी दूर

फरीदाबादएक महीने पहले
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पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस कमिश्नर ओपी सिंह की मांग पर डीजीपी मनोज यादव ने फरीदाबाद को 10 नई गाड़ियां भिजवाई है। - Dainik Bhaskar
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस कमिश्नर ओपी सिंह की मांग पर डीजीपी मनोज यादव ने फरीदाबाद को 10 नई गाड़ियां भिजवाई है।

कोरोना महामारी के दौर में जिले में एंबुलेंस का भी संकट पैदा हो गया है। प्राइवेट एंबुलेंस चालक मनमाना चार्ज वसूल रहे हैं। ऐसे में इस संकट को देखते हुए पुलिस विभाग ने 10 नई गाडि़यां स्वास्थ्य विभाग के सहयेाग के लिए लगा दी गई है। ये गाड़ियां 24 घंटे मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और वहां से घर लाने ले जाने में मदद करेगी। इससे एंबुलेंस की समस्या कम हो जाएगी। हालांकि इन वाहनों में गंभीर मरीजों को नहीं लाया ले जाया जाएगा। उनके लिए प्रॉपर एबुंलेंस की ही सेवा उपलब्ध रहेगी। अभी तक जाे एंबुलेंस सामान्य मरीजों की सेवा में लगी हैं उन्हें अब सिर्फ गंभीर मरीजों के लिए प्रयोग में लाई जाएगी। वहीं दूसरी ओर राहत की एक और बात सामने आई है। शुक्रवार काे संक्रमित होने वालों से अधिक मरीज ठीक होकर अपने घर पहुंच गए। हालांकि 24 घंटें में आठ मरीजों की जान भी चली गयी।

बीके अस्पताल की सुपरविजन में चलेगी गाड़ियां

डीसी यशपाल यादव ने बताया कि फरीदाबाद में एम्बुलेंस की कमी को देखते हुए पुलिस विभाग, जिला प्रशासन की मदद के लिए आगे आया। स्वास्थ्य विभाग की मदद के लिए 10 नई इनोवा गाड़ी लगाई गई है। इनसें मरीजों को घर से हॉस्पिटल और हॉस्पिटल से घर निशुल्क लाने ले जाने की सुविधा मिलेगी। इन गाड़ियों में 20 पुलिसकर्मी बतौर ड्राइवर नियुक्त किये गए हैं। गाड़ियां सीएमओ के सुपरविजन में चलाई जाएंगी।

मदद केे लिए रवाना हुई पुलिस की गाडियां।
मदद केे लिए रवाना हुई पुलिस की गाडियां।

डीजीपी ने उपलब्ध कराई गाड़ियां

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस कमिश्नर ओपी सिंह की मांग पर डीजीपी मनोज यादव ने फरीदाबाद को 10 नई गाड़ियां भिजवाई है। गाड़ियां उन्हीं मरीजों को लाने ले जाने में प्रयोग की जाएंगी जिन मरीजों को ऑक्सीजन, वेंटिलेटर या स्ट्रेचर की जरूरत नहीं है। इस सेवा का ट्रांसपोर्टेशन सर्विस कोव हाट्स नाम दिया गया है।

आक्सीजन व वेंटिलेटर की नहीं है सुविधा

इन गाड़ियों में एंबुलेंस की तरह ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है। लेकिन जो व्यक्ति गंभीर बीमारी से पीड़ित नहीं है और जिन्हें हॉस्पिटल में बेड अलॉट हो चुका है या जिन्हें हॉस्पिटल से छुटी मिल चुकी हो उनके लिए यह गाड़ियां मददगार होगी। क्योंकि इसमें उन्हें निशुल्क अस्पताल या घर ले जाया जा सकेगा। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए नागरिक एंबुलेंस हेल्पलाइन नंबर 108 पर फोन कर किया जा सकता है।