शिकंजा:एसबीआई कर्मचारी बन 21 राज्यों में 187 वारदात को अंजाम देने वाले 7 आरोपी पकड़े, 22.60 लाख बरामद

फरीदाबाद10 दिन पहले
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गिरफ्तार तीन आरोपी। बाकी 4 आरोपी जेल पहुंच चुके हैं। - Dainik Bhaskar
गिरफ्तार तीन आरोपी। बाकी 4 आरोपी जेल पहुंच चुके हैं।
  • देशभर में लोगों के बैंक अकाउंट साफ करने वाले गिरोह का खुलासा, 35 मोबाइल और 109 सिम मिले

एसबीआई का कर्मचारी बन लोगों के बैंक अकाउंट साफ करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने सात ठगों को गिरफ्तार किया है। इनसे 35 मोबाइल फोन, 109 सिम, 15 एटीएम कार्ड व 22.60 लाख रुपए बरामद हुए हैं। इस गिरोह का नेटवर्क देशभर के 21 राज्याें तक फैला था। इन्होंने फरीदाबाद के भी पांच लोगों को शिकार बना लाखों की ठगी की है।

इनके करीब 17 बैंक खातों का पता चला है। इनमें अब तक करीब 1.25 करोड़ रुपए का लेन-देन होना पाया गया है। पुलिस ने बैंक शाखाओं को पत्र लिख डिटेल मांगी है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मध्यप्रदेश के भिंड के सोनवीर, मुरैना के राहुल, बिहार के बिहार शरीफ के शक्ति, यूपी के इटावा के अमन, फर्रुखाबाद के सुभान दिल्ली में मोहन गार्डन के पंकज, उत्तम नगर के अब्दुल्ला के रूप में हुई है।

पुलिस कमिश्नर ने बताया पकड़ा गया गिरोह हरियाणा, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पंजाब, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, गुजरात, पश्चिम बंगाल, झारखंड, उड़ीसा, आंध्रप्रदेश, आसाम, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में वारदात कर चुके हैं। गिरोह ने सबसे अधिक तेलंगाना, उत्तरप्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में वारदातें की हैं।

आरोपी जस्ट डायल वेबसाइट से खरीदते थे लोगों का डेटा

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपी जस्ट डायल वेबसाइट से डेटा खरीदकर एसबीआई के क्रेडिट कार्डधारकों को एक कस्टमाइज एप के जरिए एसबीआई कस्टमर केयर के नंबर से बैंक प्रतिनिधि बनकर बात करते थे। उनके पुराने कार्ड को नए कार्ड में बदलने की बात कहकर झांसा देते थे। कार्डधारक बैंक की तरफ से काल आना समझ कर हामी भर लेते थे। इसके बाद आरोपी कार्ड धारक से निजी जानकारी सांझा करने को बोलते थे।
1.25 करोड़ रुपए का लेन देन मिला

पुलिस आयुक्त ने बताया उक्त ठग एक साल में अपने विभिन्न 17 बैंक अकाउंट के जरिए करीब 1.25 करोड़ रुपए का लेन-देन कर चुके हैं। उक्त बैंक शाखाओं से इसकी डिटेल मांगी गई है। उन्होंने बताया लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए अलग-अलग सिम का प्रयोग करते थे।

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