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महामारी:ब्लैक फंगस के मरीज बढ़ रहे, इंजेक्शन नहीं मिल रहे, अस्पताल कर रहे इंतजार

फरीदाबाद2 महीने पहले
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ब्लैक फंगस के पहले मरीज के  आपरेशन का फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
ब्लैक फंगस के पहले मरीज के आपरेशन का फाइल फोटो।
  • स्वास्थ्य विभाग अभी तक 50 मरीज की ही कर पाया है पुष्टि, जबकि संख्या इससे अधिक

औद्योगिक नगरी में कोरोना संक्रमण की रफ्तार तो धीमे पड़ने लगी है लेकिन अब ब्लैक फंगस के मरीजों में इजाफा हो रहा है। ईएसआई मेडिकल कॉलेज समेत लगभग सभी बड़े प्राइवेट अस्पतालों में मरीज भर्ती हैं। लेकिन हैरान करने वाली बात ये है कि सरकार अभी तक मरीजाें को जरूरत के हिसाब से इंजेक्शन तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है।

मरीजों के परिजन कई दिनों से इंतजार करने में लगे हैं। ऐसे में मरीजों का इलाज भगवान भरोसे ही चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी नहीं बता रहे कि अभी तक कितने मरीजाें के लिए इंजेक्शन क व्यवस्था हो पाई है। वहीं दूसरी ओर ईएसआई मेडिकल कॉलेज ने अपने यहां ब्लैक फंगस के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बेड़ों की संख्या 20 से बढ़ाकर 75 तक कर दी है।

बड़ा सवाल ये है कि इन मरीजों को इंजेक्शन कब तक मिल पाएगा कोई बताने को तैयार नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अभी तक फरीदाबाद के अस्पतालों में सिर्फ 50 मरीजों में ही ब्लैक फंगस होने की पुष्टि कर रहे हैं। जबकि मरीजों की संख्या इससे अधिक है। विभाग आठ मरीजों में ब्लैक फंगस होने को संदिग्ध मान रहा है। सूत्रों की मानें तो यहां के कई निजी अस्पतालों में 60 से अधिक ब्लैक फंगस के मरीज भर्ती हैं।

महिला की आंख निकाली पड़ी फिर भी नहीं मिल रहा इंजेक्शन

एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती ब्लैक फंगस से पीड़ित महिला को सरकार से 10 दिन में सिर्फ 6 इंजेक्शन ही मिले हैं। डॉक्टर अनुसार ब्लैक फंगस पीड़ित महिला को डेली 5 इंजेक्शन की है जरूरत होती है। महिला के शरीर में ब्लैक फंगस आंखों में होने की वजह से ऑपरेशन करके आंख निकालनी पड़ गई है। अब महिला के बेटे महेंदर ने इंजेक्शन के लिए सरकार से गुहार लगाई है। इंजेक्शन के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, डीसी यशपाल यादव को भी ट्वीट कर मदद मांगी है।

ईएसआई ने बढ़ाई बेडों की संख्या, अब हुई 75

मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने कोविड अस्पताल ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में 75 बेड आरक्षित करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले यहां 20 बेड मरीजों के लिए आरक्षित थे। ब्ल्ैक फंगस के मरीजों के बढ़ने का कारण कमजोर इम्युनिटी और स्टेरॉयड दवा का अधिक इस्तेमाल माना जा रहा है।

मेडिकल कॉलेज के डीन डाॅ. असीम दास का कहना है कि सरकार से आदेश मिलने के बाद बेडों की संख्या बढ़ाने की तैयारियां शुरू कर दी गई है। इसके साथ मरीजों के लिए दवाईयों का इंतजार किया जा रहा है। दवाईयों उपलब्ध कराने के लिए सरकार को पत्र लिखा गया है।

चौबीस घंटे में दो मरीज की मौत, 102 नए केस आए

शनिवार को 24 घंटे में दो मरीज की जान नहीं गयी। जबकि 102 नए संक्रमित सामने आए। इस दौरान 255 मरीज ठीक होकर अपने घर पहुंच गए। अब जिला में एक्टिव केसों की संख्या घट कर 1304 तक आ गयी है। जबकि अब जिले में संक्रमितों का आंकड़ा 98729 तक पहुंच गया है।

सीएमओ डा. रणदीप सिंह पुनिया ने बताया कि अब तक 96719 लोग ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। शनिवार को 559 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। जबकि 745 लोग होम आइसोलेशन में हैं। 242 लोग आईसीयू में और 46 लोग वेंटीलेटर पर हैं।

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