कार्रवाई स्थगित:बाईपास रोड पर दिल्ली-वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट में आने वाले निर्माण पर सितंबर में चलेगा बुलडोजर

फरीदाबाद4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
हाईकाेर्ट के आदेश पर अगस्त तक किसी भी निर्माण को तोड़ने पर रोक लगा दी। - Dainik Bhaskar
हाईकाेर्ट के आदेश पर अगस्त तक किसी भी निर्माण को तोड़ने पर रोक लगा दी।

बाईपास रोड पर दिल्ली वडोदरा मुंबई एक्सप्रेस वे के प्रोजेक्ट में बाधा बन रहे निर्माण पर अब सितंबर में बुलडोजर चलाने की तैयारी है। क्योंकि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अगस्त तक किसी भी निर्माण को तोड़ने पर रोक लगा दी है। इससे इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहा है।

बता दें कि एक्सप्रेस-वे की राह में बाधा बने बाईपास रोड पर बने निर्माण को अभी तक हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) खाली नहीं करा पाया है। चूंकि जमीन एचएसवीपी की है। ऐसे में इस प्रोजेक्ट में आ रहे निर्माण को हटाने की जिम्मेदारी भी इसी विभाग की है। उधर प्रभावित लोगों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट के लिए जो अलाइमेंट किया गया है वह दूसरी तरफ है। एचएसवीपी जानबूझ कर कुछ शर्माएदारों काे लाभ पहुंचाने के लिए उनके निर्माण को निशाना बना रहा है।। पिछले दिनों एनएचएआई के अधिकारियों ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को भी पत्र लिखा था। इसके बाद मंत्रालय ने प्रदेश सरकार से मामले की स्टेट्स रिपोर्ट मांगी थी। इसके बावजूद तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी।

हाल ही में हाईकोर्ट ने कोरोना संक्रमण के चलते अतिक्रमण हटाने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि बैंक व वित्तीय संस्थानों द्वारा 31 अगस्त तक कोई भी प्रॉपर्टी को नीलाम न किया जाए और न ही कोई अतिक्रमण हटाकर किसी को बेघर न किया जाए। कोर्ट के आदेश के बाद एचएसवीपी ने अपनी तोड़फोड़ की कार्रवाई को स्थ‌गित कर दिया है। एचएसवीपी के एसडीओ विनोद गुप्ता का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर तोड़ की योजना को रोका गया है। अब तोड़फोड़ कार्रवाई सितंबर में की जाएगी।

ये है दिल्ली वडोदरा मुंबई एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट

बता दें कि दिल्ली वडोदरा मुंबई एक्सप्रेस वे का प्रोजेक्ट तीन हिस्से में बंटा है। पहला हिस्सा दिल्ली में डीएनडी फ्लाईओवर से शुरू होकर मीठापुर तक नौ किमी, दूसरा मीठापुर से बल्लभगढ़ में मलरेना पुल तक 24 किमी और तीसरा मलेरना पुल से सोहना तक 26 किमी का है। एक्सप्रेस-वे दिल्ली में डीएनडी फ्लाईओवर से शुरू होकर आगरा नहर के साथ-साथ सेक्टर-37 आकर बाईपास रोड से जुड़ना है। आगे बल्लभगढ़ में कैलगांव के पास नेशनल हाईवे को पार कर सोहना तक जाएगा। बाईपास को 12 लेन बनाने के लिए एनएचएआई को फरीदाबाद में 26 किमी तक कुल 70 मीटर जगह चाहिए।