दुस्साहस:अरावली वन क्षेत्र में फिल्म की शूटिंग करने व सरकारी जमीन पर कब्जा कर निर्माण कराने वाले भू माफिया के खिलाफ केस दर्ज

फरीदाबाद2 महीने पहले
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वन विभाग के अधिकारी ने दर्ज कराया केस। - Dainik Bhaskar
वन विभाग के अधिकारी ने दर्ज कराया केस।

प्रतिबंधित अरावली वन क्षेत्र में गलत तरीके से फिल्म की शूटिंग करने, फौजियों के रोल में पटाखे फोड़ने और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर मंदिर निर्माण करने वाले एक भू माफिया के खिलाफ सूरजकुंड थाना पुलिस ने केस दर्ज कर किया है। पुलिस ने ये कार्रवाई वन विभाग की शिकायत पर की है। वन विभाग का आरोप है कि आरोपी के खिलाफ पहले भी कानूनी कार्रवाई की गयी है लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है।

वन राजित अधिकारी प्रदीप कुमार गुलिया को ओर से पुलिस को दी गयी शिकायत में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वन क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य व अन्य गतिविधियों पर प्रतिबंध है। बावजूद अनंगपुर निवासी शीशपाल पुत्र रामचंद्र गुलरिया ने 30-40 लोगों को बुलाकर वन क्षेत्र में फिल्म की शूटिंंग करवा रहा था। वन रक्षक ने जब शूटिंग करने वालों को ऐसा करने से रोका तो उनकी टीम ने शीशपाल को फोन कर बुला लिया और मौके पर आकर शीशकुमार ने यहां अपनी जमीन बताकर कुछ भी करने की धमकी दी। यह शूटिंग गुल्लु एण्ड टीम के डायरेक्टर जफर खान प्रहलादपुर द्वारा की जा रही थी। वन अधिकारी का कहना है कि आरोपियों को वन क्षेत्र प्रतिबन्धित व वन्यजीव आवासीय क्षेत्र होने के बारे में बताने के बाद भी उनके द्वारा शूटिंग का कार्य किया गया। फौजियों के लिए किये जा रहे रोल पर पटाखे आदि भी छोड़े गये।

मंदिर के बहाने कब्जा करने का आरोप

वन अधिकारी ने पुलिस को बताया कि वन रक्षक डेथ वैली से पंडवाली खान के रास्ते आया तो देखा कि शीशपाल बडवाली खान पर लोहे के पिल्लर लगवाकर एक कमरे का निर्माण कार्य करवा रहा है। वन रक्षक द्वारा उसको बताया कि यह प्रतिबन्धित वनक्षेत्र है तो आरोपी ने जवाब दिया कि मैं यहां मंदिर का निर्माण करवा रहा हूं। जो सबके हित का कार्य है। अधिकारी का कहना है कि आरोपी शीशपाल अवैध अतिक्रमण, गैर-वानिकी कार्य करने का आदी हो चुका है। जिस पर पहले भी पेड़ कटाई व अवैध अतिक्रमण के बारे में विभाग ने कार्रवाई की है। उनका कहना है कि आरोपी शीशपाल मन्दिर का बहाना बनाकर अवैध अतिक्रमण/ कब्जा करना चाहता है। सूरजकुंड थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पीएलपीए एक्टर 1900 और वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।