फरीदाबाद के वकीलों में चिंता:रोहिणी कोर्ट में हुए गोलीकांड के बाद वकीलोें में दहशत, सीसीटीवी कैमरा लगाने और सुरक्षा मजबूत करने की मांग

फरीदाबाद22 दिन पहले
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाईएस राठौर ने बैठक की। - Dainik Bhaskar
जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाईएस राठौर ने बैठक की।

दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में जज के सामने हुई गैंगवार की घटना के बाद फरीदाबाद सेक्टर 12 कोर्ट परिसर में प्रेक्टिस करने वाले वकीलों में भी असुरक्षा का माहौल है। इसी मामले को लेकर जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाईएस राठौर ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और सभी जरूरी उपाए करने का सुझाव दिया। वहीं बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सीसीटीवी कैमरे लगाए, एंट्रीगेट में बदलाव करने की मांग रखी।

फरीदाबाद बार एसोसिशन के प्रधान एडवोकेट बॉबी रावत एवं महासचिव एडवोकेट नरेंद्र शर्मा ने बताया कि जिला जज की बैठक में एडीजे राजेश गर्ग, नाजिर सिंह, राजेश शर्मा, मुख्य दंडाधिकारी मंगलेश चौबे, अतिरिक्त मुख्य दंडाधिकारी तय्यब हुसैन, जिला उपायुक्त जितेंद्र

सेक्टर 12 कोर्ट परिसर का एंट्री गेट
सेक्टर 12 कोर्ट परिसर का एंट्री गेट

यादव, डीसीपी अंशु सिंगला, एसीपी यशपाल यादव व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि बैठक में न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। इसके लिए सभी ने अपने अपने सुझाव भी दिए। बैठक में मुख्य द्वार पर सीसीटीवी कैमरा लगाने, मुख्य गेट को नया बनवाने, वकीलों के चैंबर बिल्डिंग से कोर्ट की तरफ आने वाली सभी मंजिलों पर सशस्त्र पुलिसकर्मी मौजूद रहने के बारे में निर्णय लिया गया है।

अभी कोर्ट परिसर में एंट्री के ये है हालात

कोर्ट परिसर में एंट्री गेट पर पुलिसकर्मी रहते तो हैं लेकिन किसी की जांच पड़ताल नहीं होती। लघु सचिवालय की आेर से भी गेट बना है। दोनों ओर डोर फेम मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं लेकिन वह दोनों शोपीस हैं। वकीलों की मांग है कि गेट पर हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से सभी आने जाने वालों की जांच की जानी चाहिए। बता दें कि कोर्ट परिसर में करीब 3000 एडवोकेट प्रेक्टिस करते हैं। करीब 40 कोर्ट में रोजाना 9 से 10 हजार वादकारी किसी न किसी केस की सुनवाई के सिलसिले में आते जाते हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।

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