पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

खाेरी कॉलोनी मेें तोड़फोड़ का मामला:निगम प्रशासन का दावा 50 फीसदी लोग मकान खाली कर जा चुके, प्रभावित लोग बोले, सिर्फ सामान शिफ्ट किया है, लोग यहीं रह रहे

फरीदाबाद2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
पहले की गई तोड़फोड़ का मलबा हटाया जा रहा है। - Dainik Bhaskar
पहले की गई तोड़फोड़ का मलबा हटाया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के एक माह चार दिन बाद भी नगर निगम खोरी कॉलोनी में तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू नहीं कर पाया। पुलिस के तीन हजार से अधिक जवान खोरी कॉलोनी में इस भीषण गर्मी में डेरा जमाए बैठे हैं। लेकिन प्रशासन अभी तक कार्रवाई करने का निर्णय नहीं ले पा रहा है। प्रभावित लोगों को डराने के लिए पहले की गई तोड़फोड़ का मलबा हटाने में प्रशासन जुटा है। निगम प्रशासन का दावा है कि पुलिस प्रशासन की सख्ती से काॅलोनी में रहने वाले करीब 50 फीसदी लोग अपना अपना घर छोड़कर जा चुके हैं। बाकी बचे लोगों को भी जाने के लिए प्रशासन ने मौका दिया है। प्रशासन कार्रवाई के लिए तैयार है। सभी जरूरती संसाधन मंगा लिए गए हैं। ड्यूटी मजिस्ट्रेट तक तैनात किए जा चुके हैं। उधर प्रभावित लेागों का कहना है कि यहां के लोग सिर्फ सामान शिफ्ट किए हैं। लेकिन रहना और सोना अभी भी कॉलोनी में हो रहा है। सरकार जब तक पुनर्वास की व्यवस्था नहीं करती वह कहीं नहीं जाएंगे। वहीं दूसरी और कोर्ट के आदेशानुसार निगम के पास महज एक सप्ताह का ही समय बचा है। ऐसे में पूरे मकानों को तोड़ना बड़ी चुनौती है।

मलबा हटाकर लगाया निगम का बोर्ड

खोरी कॉलोनी में पहले की गई गयी तोड़फोड़ की कार्रवाई के बाद एकत्र मलबे को हटवाकर जमीन समतल करा वहां नगर निगम ने अपना बोर्ड लगा दिया है। बोर्ड में लिखा है कि भूमि नगर निगम की संपत्ति है। जाे कि 1992 से पंजाब लैंड प्रिजर्वेशन एक्ट 1900 की धारा 4 व 5 के तहत वन क्षेत्र घोषित है। इस भूमि पर किसी प्रकार का निर्माण अथवा खरीदना व बेचना गैरकानूनी है। यदि कोई उक्त जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

खोरी कॉलोनी से मलबा हटाता नगर निगम का दस्ता
खोरी कॉलोनी से मलबा हटाता नगर निगम का दस्ता

जब तक पुनर्वास नहीं तब तक मकान खाली नहीं

स्थानीयवासियों का कहना है कि उनके पास हरियाणा का राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड समेत अन्य सभी कागजात हैं। वह पिछले 30 साल से अधिक समय से यहां रह रहे हैं। अपने जीवनभर की कमाई मकान में लगा दी। जब जमीन नगर निगम की थी तो उस वक्त अधिकारी व प्रशासन कहां सो रहा था। उनका कहना है कि सरकार जब तक उन्हें पुनर्वास नहीं करती वह कहीं नहीं जाएंगे। जान दे देंगे। लोगों ने कहा कि प्रशासन झूठ बोल रहा है कि यहां से पचास फीसदी लोग चले गए। वह लेाग गए नहीं बल्कि अपना अपना सामान शिफ्ट किए हैं।

सोमवार से तोड़फोड़ की कार्रवाई संभव

नगर निगम कमिश्नर डॉ. गरिमा मित्तल का कहना है कि कोर्ट्र के आदेश पर प्रशासन तोड़फोड़ करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। लगातार अधिकारियों की बैठकें हो रही है। रणनीति बना ली गई है। उन्होंने संकेत दिए कि सोमवार से कॉलोानी में तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू हो सकती है। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के लिए सभी जरूरी संसाधन मंगा लिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर और संसाधन मंगाकर तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी जमीन की ये है तस्वीर

जमीन एरिया एकड़़ में

आवासीय 57.98

कमर्शियल 0.64

िमक्स यूज 5.63

एजूकेशनल 0.38

इंडस्ट्री 0.02

वैकेंट प्लाट 13.13

पब्लिक यूिटलिटी 1.24

गौशाला 1.00

वैकेंट लैंड 18.64

फारेस्ट लैंड 38.39

वाटर बाॅडी 2.99

रोड 32.06

कुल योग 172.10 एकड़

खबरें और भी हैं...