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बेटियों को पूजने वाले पर्व पर नवरात्र में बेटी की:पहली संतान बेटा चाहती थी महिला, बेटी हुई तो उसे जन्म के 12 वे दिन गला दबाकर मार डाला

फरीदाबादएक महीने पहले
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आरोपी महिला के पति का कहना है- जब से बेटी पैदा हुई थी, तब से उसे पत्नी दूध भी नहीं पिला रही थी।
  • करीब डेढ़ साल पहले पलवल निवासी बिमलेश के साथ हुई थी गांव कैली निवासी धर्मेंद्र की शादी
  • 9 अक्टूबर को बिमलेश ने बेटी को जन्म दिया, धर्मेंद्र का आरोप-पहली संतान बेटा चाहती थी बिमलेश

नवरात्र में देशभर में बेटियों को दुर्गा का स्वरूप मान कर उनकी पूजा की जाती है। लेकिन, इसी महापर्व के दौरान एक महिला ने अपनी 12 दिन की बच्ची को गला दबाकर इसलिए मार डाला, क्योंकि वह अपनी पहली संतान बेटा चाहती थी बेटी नहीं। महिला के पति ने उसके खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है। आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी बेटी होने पर खुश नहीं थी। जब से बेटी पैदा हुई थी, तब से उसे दूध भी नहीं पिला रही थी। पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

गांव कैली निवासी धर्मेंद्र की शादी करीब डेढ़ साल पहले पलवल निवासी बिमलेश के साथ हुई थी। 9 अक्टूबर को बिमलेश ने बेटी को जन्म दिया। धर्मेंद्र का आरोप है कि बेटी पैदा होने पर बिमलेश खुश नहीं थी। वह पहली संतान के रूप में बेटा चाहती थी। उनका ये भी कहना है कि बेटी के पैदा होने के बाद न तो व उसका ख्याल रखती थी और न ही दूध पिलाती थी। धर्मेंद्र ने उसे कई बार समझाया कि बेटियां किसी से कम नहीं हैं, लेकिन उसके रवैये में कोई सुधार नहीं हुआ।

बुधवार को सुबह पता चला कि उनकी बेटी की मौत हो गई है। उसने पत्नी बिमलेश पर बेटी की गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए सेक्टर 58 थाना पुलिस से शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने केस दर्ज कर नवजात बेटी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी भीम सिंह का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद मौत के असली कारण का पता चल पाएगा।

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