नगर निगम क्यों न हो कंगाल?:शहर के लोग डेढ़ साल में 70 करोड़ से अधिक का फ्री में पी गए पानी, निगम नहीं वसूल पाया शुल्क, अब शुरू किया गया बिल भेजना

फरीदाबाद4 महीने पहले
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पूरे शहर में करीब पांच लाख पानी के कनेक्शन हैं। - Dainik Bhaskar
पूरे शहर में करीब पांच लाख पानी के कनेक्शन हैं।

आर्थिक बदहाली से जूझ रहे नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी अपना शुल्क तक नहीं वसूल कर पा रहे हैं। जानकर हैरानी होगी कि डेढ साल से शहर के लोग 70 करोड़ से अधिक का पानी फ्री में पी रहे हैं लेकिन निगम प्रशासन उनसे पानी का शुल्क जमा नहीं करा पाया। ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर नगर निगम की हालत कैसे सुधरेगी, जब निगम कर्मचारी शहर से शुल्क ही नहीं एकत्र करेंगे। कमिश्नर की सख्ती के बाद अब इंजीनियरिंग विभाग टैक्सेशन ब्रांच के सहयोग से डेढ़ साल का बिल लोगों को पहुंचाना शुरू किया है। अब तक करीब 15 हजार से ज्यादा लोगोंं के घर पानी का बिल भेजा जा चुका है। ये बिल जनवरी 2020 से लेकर जून 2021 तक का है।

डॉ. गरिमा मित्तल, निगम कमिश्नर नगर निगम फरीदाबाद
डॉ. गरिमा मित्तल, निगम कमिश्नर नगर निगम फरीदाबाद

शुरुआत में 50 करोड़ के बिल भेजे जा रहे

पानी व सीवर शुल्क जमा कराने के लिए नगर निगम ने अब ऑनलाइन सेवा शुरू की है। लोग घर बैठे अपना शुल्क जमा कर सकेंगे। निगम अधिकारी ने बताया कि करीब डेढ़ साल से किसी भी घर मेंं पानी का बिल नहीं गया है। लेकिन अब लोगों के घर बिल भेजना शुरू कर दिया है। सभी जोन में ये प्रक्रिया तेज कर दी गई है। निगम अधिकारियों की मानें तो बकाएदारों से करीब 70 करोड़ रुपए वसूला जाना है। शुरुआत में 50 करोड़ रुपये के बिल भेजे जा रहे हैं।

जनवरी 2020 से नहीं भेजा गया बिल

नगर निगम सूत्रों की मानें तो नगर निगम कर्मचारियों ने शहरवासियों को जनवरी 2020 से जून 2021 तक कोई बिल नहीं भेजा गया। कर्मचारियों ने कोरोना महामारी का बहाना बनाकर बैठे रहे। जब लोगों के पास बिल ही नहीं पहुंचा तो लोगों ने पैसे भी नहीं जमा कराया। अब आईटी ब्रांच के सहयोग से जोन 1 और 4 के बिल निकालकर भेजना शुरू कर दिया है। लोगों को बिल ऑनलाइन जमा करना होगा। अर्बन लोकल बॉडी की वेबसाइट पर जाकर शुल्क जमा कर सकते हैं। इसके अलावा नगर निगम के सीएफसी सेंटर पर आकर बिल जमा कर रसीद प्राप्त कर सकेंगे।

अवैध कनेक्शनों को नियमित करने के लिए लगेंगे कैंप

जानकर हैरानी होगी कि पूरे शहर में करीब पांच लाख पानी के कनेक्शन हैं। इनमें से करीब साढ़े तीन लाख कनेक्शन अवैध हैं। यानी लोगों ने कनेक्शन कराए बगैर ही नगर निगम का पानी फ्री में पी रहे हैं। निगम आंकड़ों के अनुसार महज डेढ़ लाख लोगों ने ही पानी का कनेक्शन ले रखा है। निगम कमिश्नर डॉ. गरिमा मित्तल का कहना है कि पानी व सीवर के अवैध कनेक्शन को नियमित करने के लिए कैंप लगाए जाएंगे। इंजीनियरिंग विभाग को इस बारे में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। शहरवासियों की सुविधा के लिए निगम कैंप आयोजित करेगा। खोरी कॉलोनी का मामला निपटाने के बाद इसमें तेजी लायी जाएगी।

40 एमएलडी है पानी की कमी

शहर में पानी की समस्या बनी हुई है। दिन प्रतिदिन पानी की मांग भी बढ़ती जा रही है। वर्तमान में शहर को करीब 260 एमएलडी पानी की जरूरत है। लेकिन नगर निगम महज 220 एमएलडी ही पानी उपलब्ध करा पा रहा है। बावजूद लाेगों से पानी का शुल्क नहीं वसूल कर पा रहा है। साढ़े तीन लाख लोग अवैध कनेक्शन लेकर फ्री में पानी पी रहे हैं। निगमकर्मियों की लापरवाही से जिन लोगों ने कनेक्शन ले रखा है उन्हें पर्याप्त पानी तक नसीब नहीं हो पा रहा है। निगम कमिश्नर डॉ. गरिमा मित्तल का कहना है कि पानी के अवैध कनेक्शनों को वैध करने के लिए एक विस्तृत प्लान तैयार कर लिया है। जिसमें आरडब्ल्यूए, सामाजिक संस्थाओं की मदद ली जाएगी। निगम प्रत्येक इलाके में जाकर कैंप लगाकर लोगों के कनेक्शन वैध करेगा।