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बाल श्रमिकों को कराया मुक्त, खोली पोल:रेस्टोरेंट में आने वाले ग्राहकों को मालिक शराब दिलवाता था, रोज 12 घंटे करवाता था काम, केस दर्ज, आरोपी पहुंचा जेल

फरीदाबाद23 दिन पहले
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लॉकडाउन के दौरान पीछे वाले गेट से लोग होटल में आते-जाते थे। - Dainik Bhaskar
लॉकडाउन के दौरान पीछे वाले गेट से लोग होटल में आते-जाते थे।

चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने मच्छगर गांव स्थित अनोखा इंडियन फेमिली रेस्टोरेंट पर छापा मारकर वहां काम करने वाले पांच नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया। रेस्टोरेंट मालिक के खिलाफ सदर बल्लभगढ़ थाने में केस दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी मालिक को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान मच्छगर गांव निवासी रणवीर पुत्र मुख्तियार के रूप में हुई है। मुक्त कराए गए बच्चों ने रेस्टोंरेंट में होने वाली गतिविधियों की पूरी पोल खोली। मुक्त कराए गए बच्चों ने बताया कि उनसे मालिक ग्राहकों को शराब परोसवाता था।

चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्य रविंद्र सिंह और डिस्ट्रिक कॉआर्डिनेटर सुनीता देवी ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि मच्छगर स्थित अनोखा इंडियन फेमिली रेस्टोरेन्ट का मालिक काफी समय से बालश्रम करा रहा है। सूचना पर उन्होंने सदर पुलिस को सूचना दी और पुलिस टीम के साथ रेस्टोरेंट पर छापेमारी की। छापेमारी में टीम को पांच नाबालिग बालश्रम करते पाए गए। उन्हें मुक्त करा उनकी काउंसलिंग की गई। पुलिस ने रेस्टोरेंट मालिक रणवीर के खिलाफ केस दर्ज कर बुधवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। बालश्रम करने वालों की उम्र 10 से 16 साल बताई जा रही है।

मुक्त कराए गए बच्चों ने खोली पोल

बच्चों ने पुलिस टीम को बताया कि मालिक उनसे बर्तन साफ करना, प्याज काटना, जो ढाबे पर ग्राहक शराब पीता है उसको गिलास, पानी व शराब दिलवाता था। बच्चे ने बताया कि लॉकडाउन में भी यहां पर काम करवाता था। ग्राहक ढाबे पर पिछले रास्ते से आते जाते थे। बच्चों को सुबह नौ से रात दस बजे तक काम करना पड़ता था। इसके बदले 3500 से 5000 रुपए तक ही देता था। उधर थाना प्रभारी अुर्जन देव ने बताया कि आरोपी रणवीर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

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