कार्रवाई:सरपंच एसोसिएशन बल्लभगढ़ के प्रधान के घर जीएसटी टीम का छापा, तीन घंटे तक चली छापे की कार्रवाई, कम्प्यूटर व लैपटाॅप जब्त

फरीदाबाद3 महीने पहले
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सुबह सात बजे से ही शुरू हो गयी थी कार्रवाई। - Dainik Bhaskar
सुबह सात बजे से ही शुरू हो गयी थी कार्रवाई।

बल्लभगढ़ की यादव कॉलोनी में रहने वाले नरहावली गांव के निवर्तमान सरपंच एवं सरपंच एसोसिएशन बल्लभगढ़ के प्रधान विनोद भाटी के घर शनिवार सुबह केंद्रीय जीएसटी की 7 सदस्यीय टीम ने छापेमारी की। करीब तीन घंटे तक चली कार्रवाई में टीम ने घर में मिले कागजात की बारीकी से जांच की। बताया जा रहा है कि टीम ने भाटी के घर से मिले कम्यूटर व लैपटॉप भी जब्त किया है। टीम ने भाटी के घर की गई छापेमारी में क्या गड़बड़ी पकड़ी है इस बारे में कुछ भी बोलने से इंकार किया है।

जानकारी के अनुसार गांव नरहावली निवाासी विनोद भाटी निवर्तमान सरपंच हैं। उन्होंने यादव कॉलोनी में मकान बनाकर परिवार सहित रहते हैं। उन्होंने सेक्टर-20 में एक टावर भी बनाया हुआ है। जिसमें कई कार्यालय भी बने हुए हैं। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों इनके टावर स्थित एक सीए के कार्यालय में भी छापेमारी हुई थी। जिसमें टीम ने विनोद भाटी को भी नोटिस देकर जवाब मांगा था। कहा जा रहा है कि नोटिस का जवाब न देने पर शनिवार सुबह 7 बजे जीएसटी की टीम उनके घर पर छापेमारी की और कागजात खंगाले। टीम का नेतृत्व सुपरिटेंडेंट रजत कुमार कर रहे थे। इस दौरान घर के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

अचानक हुई कार्रवाई से इलाके में हड़कप मचा

निवर्तमान सरपंच के घर अचानक हुई जीएसटी की छापेमारी से इलाके में हड़कंप मच गया। टीम ने कार्रवाई के दौरान घर में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी। परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए थे। छापेमारी के दौरान विनोद भाटी घर पर मौजूद नहीं थे। भाटी चंूकि बिजिनेसमैन भी हैं। ऐसे में उन पर टैक्स चोरी का भी आरोप लग रहा है। इस वजह से उन पर जीएसटी की कार्रवाई की गई। इस मामले में विभाग के अधिकारी कुछ भी बोलने से इंकार किया है। उधर, मामले में अधिकारियों ने

भारी मात्रा में पैसे बरामद होने से इनकार

भाटी के परिजनों का कहना है कि दो महीने से सरपंच घर ने नहीं आए हैं। जीएसटी अधिकारियों के ओर से केवल उनको एक नोटिस दिया गया है। टीम को घर से कोई नकदी बरामद नहीं हुई है। घर में खर्च के लिए 50 हजार रुपए रखे थे। भारी मात्रा में पैसे बरामद होने की बात पूरी तरह से गलत है। लोग बेवजह मामले को तूल दे रहे हैं।

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