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मेधा पाटकर पहुंची खोरी कॉलोनी:हरियाणा सरकार को थोड़ी तो शर्म आनी चाहिए, वह किसानों को भी परेशान कर रही और गरीबों को भी

फरीदाबादएक महीने पहले
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सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर खोरी कॉलोनी का दौरा कर प्रभावित लोगों से मिलती हुईं। - Dainik Bhaskar
सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर खोरी कॉलोनी का दौरा कर प्रभावित लोगों से मिलती हुईं।
  • होने वाली तोड़फोड़ का विरोध, बोलीं

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अरावली वन क्षेत्र में बसी खोरी कॉलोनी में होने वाली तोड़फोड़ का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार को जानी मानी सामाजिक कार्यकर्ता एवं नर्मदा बचाओ आंदोलन की संस्थापक मेधा पाटकर खोरी कॉलोनी पहुंचीं और प्रभावित लोगों के समर्थन में तोड़फोड़ का विरोध किया। उन्होंने हरियाणा सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए जमकर निशाना साधा।

उन्होंने कहा हरियाणा सरकार को थोड़ी तो शर्म आनी चाहिए। एक तरफ वह किसानों को परेशान करने में जुटी है तो दूसरी ओर गरीबों का आशियाना उजाड़ने में लगी है। हरियाणा सरकार अन्नदाताओं व गरीबों पर जुल्म करने में पूरी ताकत झोंक रही है। ऐसी स्थिति में यहां की महिलाओं को हथियार उठाने की जरूरत नहीं बल्कि मुट्‌ठी बांधकर एकजुट होने की जरूरत है।

शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे खोरी कॉलोनी में पहुंचीं मेधा पाटकर ने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर बस्ती के बारे में जानकारी ली । उन्होंने कहा आज हरियाणा सरकार खोरी कॉलोनी को उजाड़ने का जो काम करने जा रही है वह संविधान और मानवीयता दोनों के खिलाफ है। लोगों ने जीवनभर की अपनी कमाई लगाकर किसी तरह छोटा-छोटा आशियाना बनाया। अब उसे तोड़ा जा रहा है। खोरी कॉलोनी के लोगों का दर्द यदि न्यायालय नहीं सुन सकता तो न्यायालय नहीं वह अन्यायालय है।

उधर एनआईटी से कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने हरियाणा और दिल्ली सरकार से आपस की राजनीति को दरकिनार कर भूमाफिया के खिलाफ सख्त एक्शन की मांग की है। साथ ही उन्होंने गरीबों का घर बचाने के लिए कानून बनाने की भी मांग की है। शर्मा ने कहा फरीदाबाद के सांसद व केंद्र सरकार में मंत्री कृष्णपाल गुर्जर को इस मामले में संज्ञान लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करनी चाहिए और संसद में या हरियाणा विधानसभा में विधेयक लाकर इस बस्ती को कानूनी मान्यता प्रदान करनी चाहिए।

विधायक ने कहा खोरी कॉलोनी में रहने वालों में से कुछ हरियाणा के निवासी हैं। कुछ दिल्ली के रहने वाले हैं। वहां के वोट धारक हैं। ऐसे में सरकार को कभी जनता के साथ दोहरे मापदंड नहीं रखने चाहिए। उन्होंने सीएम मनोहरलाल से इनके पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की है।

शहर में और अवैध कब्जे प्रशासन को नहीं दिख रहे
विधायक ने कहा कि सत्ता के संरक्षण में भूमाफिया गौंछी में वक्फ बोर्ड की जमीन पर भी इसी तरह के अवैध कब्जे करा रहे हैं। जिन्हें समय रहते अगर नहीं रोका गया तो बाद में इसी तरह कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन को उन कब्जों को खाली कराना पड़ेगा और आम आदमी का भारी नुकसान होगा। उन्होंने दिल्ली-मुम्बई कॉरिडोर को लेकर कहा कि सरकार द्वारा वहां अवैध निर्माणों को बचाने के लिए ग्रीन बेल्ट उजाड़ दी गई। लेकिन इस मामले में जब पूछा गया तो सरकार में कोई भी इसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं। उन्होंने कहा एक तरफ गरीब उजाड़े जा रहे दूसरी तरफ हरियाली छीनी जा रही।

अवैध फार्महाउसों को तोड़ने की हिम्मत नहीं सरकार में| आम आदमी पार्टी के सांसद सुशील गुप्ता ने तोड़फोड़ को लेकर सरकार पर निशाना साधा। पत्रकारवार्ता में उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को उजाड़ने से पहले पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा 1970 से बसी कॉलोनी में सरकार ने बिजली, पानी तथा अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराई। अचानक क्या हो गया कि वह इस गांव में बसे 50 हजार लोगों को उजाड़ने में लग गई। 24 अक्टूबर 2020 में परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने बस्ती न उजाड़े जाने का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा हरियाणा सरकार गरीबों की बस्ती तोड़ने के लिए उतावली हो रही है। लेकिन वन क्षेत्र की सरकारी जमीन पर अमीरों के फार्म हाउस बने हैं। उन्हें तोड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही।

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