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20 से ज्यादा मामले आए सामने:बच्चों में कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से पहले एमआईएस-सी का खतरा बढ़ा

फरीदाबाद13 दिन पहले
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डा. पांडेय के अनुसार तीसरी लहर आने की पूरी संभावना है। अभी तक की रिपोर्ट के मुताबिक यह नवंबर तक आ सकती है। - Dainik Bhaskar
डा. पांडेय के अनुसार तीसरी लहर आने की पूरी संभावना है। अभी तक की रिपोर्ट के मुताबिक यह नवंबर तक आ सकती है।
  • डॉक्टरों के मुताबिक यह बीमारी बिना लक्षण वाले कोरोना को मात देने वाले बच्चों में हो रही हैं

बच्चों में कोरोना संक्रमण की तीसरी संभावित लहर से पहले औद्योगिक नगरी में मल्टी सिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम (एमआइएस-सी) का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। अभी तक ऐसे बीस से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। इन बच्चों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

खास बात यह है कि यह बीमारी उन बच्चों में हो रही है जो कोरोना संक्रमण को मात देकर ठीक हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग भी लगातार इसकी मानिटरिंग कर रहा है। बच्चों में फैलने वाली इस बीमारी को लेकर वे परिवार दहशत में हैं जिनके बच्चे कोरोना से ठीक हो चुके हैं। डाक्टरों के मुताबिक इस बीमारी के लक्षण कोरोना से ठीक होने के 15 से 20 दिन में दिखाई पड़ते हैं। इसकी चपेट में छह से 15 साल के बच्चे आ रहे हैं।

निजी अस्पताल में चल रहा 15 बच्चों का इलाज

स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों का कहना है कि एमआईएस-सी की चपेट में आ चुके 15 बच्चों का इलाज एशियन अस्पताल में चल रहा है। इसके अलावा भी एक-दो अन्य बच्चों का अलग-अलग बड़े अस्पतालों में इलाज हो रहा है। इनकी संख्या बीस से अधिक बताई जा रही है। एशियन अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय शर्मा का कहना है कि यह बीमारी बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमण को मात दे चुके बच्चों में हो रही है।

बीमारी में बच्चों के मस्तिष्क और मांसपेशियों में आ जाती है सूजन

डाॅ. शर्मा ने बताया कि बच्चों में सामान्य बुखार, खांसी जुकाम होता है और वह एक सप्ताह बाद ठीक भी हो जाता है। उसके बाद 15 से 20 दिन बाद अचानक तेज बुखार चढ़ता है। उन्होंने बताया कई बच्चों की एंटी बाडी जांच की गई। जिसमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। डॉ. शर्मा के मुताबिक इस बीमारी में बच्चों के मस्तिष्क की मांसपेशियों और आर्टरी में सूजन आ जाती है। इसके अलावा यह शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित करता है।

एमआईएस-सी की संख्या अधिक बढ़ने का अनुमान|

डॉक्टरों का कहना है कि तीसरी वेब में एमआईएस सी की संख्या में तेजी से इजाफा होने का अनुमान है। क्योंकि तीसरी लहर में बच्चों के अधिक प्रभावित होने की आशंका है। यदि तीसरी लहर में बच्चे अधिक चपेट में आते हैं तो एमआईएस-सी के मरीजों की तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। डाक्टरों का कहना है यदि कोरोना से ठीक हुए बच्चों में बुखार तेज आ रहा है तो उसे हल्के में न लें। बाल रोग विशेषज्ञ से जांच अवश्य कराएं।

तीसरी लहर को लेकर डॉक्टर अधिक हैं चिंतित

ईएसआई मेडिकल कालेज के रजिस्टार डॉ. एके पांडेय का कहना है कि डॉक्टरों की टीम अब तीसरी संभावित लहर को लेकर चिंतित है। तीसरी वेब को लेकर डॉक्टरों की टीम वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन के साथ मिलकर अध्ययन कर रही है। टीम दिल्ली के सफदरजंग, एलएनजेपी समेत अन्य कई अस्पतालों के साथ मिलकर एमआईएस-सी बीमारी का भी अध्ययन करने में जुटी है। डा. पांडेय के अनुसार तीसरी लहर आने की पूरी संभावना है। अभी तक की रिपोर्ट के मुताबिक यह नवंबर तक आ सकती है।

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