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खोरी में तोड़फोड़ को लेकर हाईलेवल मीटिंग:3000 से अधिक पुलिसकर्मी, 10 एंबुलेंस, 20 बसें, जेसीबी व फायर टेंडर तैयार, किसी भी वक्त चल सकता है बुल्डोजर

फरीदाबाद25 दिन पहले
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प्रशासन ने कार्रवाई करने के लिए अलग-अलग टीम बना ली है। - Dainik Bhaskar
प्रशासन ने कार्रवाई करने के लिए अलग-अलग टीम बना ली है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर खोरी कॉलोनी में बने हजारों मकानों पर बुल्डोजर चलाने के लिए सेक्टर 12 में बुधवार को पुलिस प्रशासन के अधिकारियों की हाई लेवल मीटिंग हुई जिसमें अधिकारियों को ड्यूटी और जिम्मेदारी बताई गई। तोड़फोड़ की कार्रवाई के लिए 3 हजार से अधिक पुलिसकर्मी, 10 एंबुलेंस, 20-20 बसें व जेसीबी, फायर टेंडर काे तैयार रखा गया है। अब किसी भी वक्त तोड़फोड़ शुरू हो सकती है।

कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चार ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। पुलिस प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखने को कहा गया है। किसी भी इमरजेंसी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की भी ड्यूटी लगाई गई है। करीब एक घंटे तक चली इस हाई लेवल मीटिंग में अधिकारियों ने तोड़फोड़ की कार्रवाई के समय की घोषणा नहीं की लेकिन तमाम तैयारियों के आधार पर माना जा रहा है कि गुरुवार सुबह से ही कार्रवाई शुरू हो सकती है। डीसी यशपाल यादव ने बताया कि कोर्ट के आदेश की पालना के लिए पुलिस प्रशासन और नगर निगम प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। अब कभी भी कार्रवाई शुरू हो जाएगी।

सेक्टर 12 में हाई लेवल मीटिंग करते डीसी यशपाल यादव व अन्य अधिकारी
सेक्टर 12 में हाई लेवल मीटिंग करते डीसी यशपाल यादव व अन्य अधिकारी

टीम की तरह काम करने का आदेश

डीसी यशपाल यादव ने बैठक में अफसरों से कहा कि हमें खोरी क्षेत्र में उच्चतम न्यायालय के आदेश की अनुपालना करनी है। इसको लेकर सभी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को गंभीरता के साथ कार्य करना है। आदेश की पालना बेहतर ढंग से हो और किसी भी तरह का जान का नुकसान ना हो इसका हमें बेहतर ढंग से ध्यान रखना है। सभी ड्यूटी मजिस्ट्रेट टीम इंचार्ज व पुलिस अधिकारियों से एक टीम की तरह से कार्य करना है।

चार ड्यृटी मजिस्ट्रेट लगाए गए

डीसी ने बताया कि तोड़फोड़ के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चार ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। उनके साथ पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति भी की गई है। इनमें एसडीएम बड़खल पंकज सेतिया और डीसीपी एनआईटी डॉ अंशु सिंगला, परमजीत सिंह चहल व डीसीपी सेंट्रल मुकेश मल्होत्रा, अनिल कुमार यादव सेक्रेटरी एमसीएफ व जयवीर राठी डीसीपी क्राइम, जितेंद्र कुमार कार्यकारी अधिकारी एचएसवीपी व सुरेश हुड्डा डीसीपी ट्रैफिक को नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रशांत अटकन ज्वाइंट कमिश्नर एमसीएफ एनआईटी को रिजर्व में रखा गया है।

कार्रवाई के लिए दस टीमों का गठन

डीसी ने बताया कि उक्त अधिकारियों के अलावा 10 टीमों का भी गठन किया गया है। प्रत्येक टीम का एक इंचार्ज व पुलिस अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें टीम एक में नगर निगम के एसई रवि शर्मा, व एसीपी एनआईटी रमेश चंद को लगाया गया है। दूसरी टीम में निगम एक्सईएन जीपी वाधवा व बड़खल एसीपी सुखबीर सिंह, तीसरी टीम में एक्सईएन ओम दत्त व एसीपी मुजेसर दलबीर सिंह, चौथी टीम में एक्सईएन ओपी कर्दम व एसीपी क्राइम अगेंस्ट वूमन जयपाल, पांचवी टीम में एक्सईएन मनोज कुमार व एसीपी तिगांव सुरेंद्र सिंह, छठी में नायब तहसीलदार अजय कुमार व एसीपी सेंट्रल सतपाल यादव, सातवीं टीम में डीटीपी राजेंद्र शर्मा व एसीपी सराय मौजीराम, आठवीं टीम में नायब तहसीलदार कन्हैयालाल व एसीपी अनिल कुमार फरीदाबाद, नवीं टीम में एक्सईएन एचएसवीपी जगदीश सरौत व एसीपी कानून व्यवस्था महेंद्र सिंह और दसवीं टीम में नायब तहसीलदार करण व एसीपी ट्रैफिक पार्वती सिंह को लगाया गया है। नायब तहसीलदार यशवंत बड़खल व दिनेश कुमार को रिजर्व टीम में रखा गया है।

खोरी कॉलोनी में पंचायत को लेकर एकत्र हुए लोग
खोरी कॉलोनी में पंचायत को लेकर एकत्र हुए लोग

10 एंबुलेंस और 500 कोविड किट मौके पर होगी

तोड़फोड़ के दौरान मेडिकल की व्यवस्था देखने के लिए बुधवार को सीएमओ डॉ रणदीप सिंह पूनिया ने सेहतपुर यूएचसी के सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ एससी भगत की ड्यूटी लगाई है। साथ ही 10 एंबुलेंस के साथ लाइफ सेविंग संसाधन की देखरेख का काम सौंपा। वहीं अपनी टीम के साथ वह 8 जुलाई से 20 जुलाई तक खोरी में ही मौजूद रहेंगे। इसके अलावा लोगों की कोविड जांच के लिए 500 किट भी मौके पर उपलब्ध होगी।

पंचायत में की सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

बुधवार सुबह खोरी कॉलोनी के सैकड़ों लोग धारा 144 लागू होने के बाद भी अंबेडकर पार्क के पास एकत्र हुए और पंचायत कर पुनर्वास की मांग काे लेकर प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान मजदूर आवास संघर्ष समिति द्वारा गठित 5 सदस्यों की कमेटी के लोग मौजूद थे जो पंचायत को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान दिल्ली के कुछ छात्र संगठनों के लोग भी पहुंचकर प्रभावित लाेगों का समर्थन किया। संघर्ष समिति ने कहा कि जब तक पुनर्वास की व्यवस्था सरकार नहीं करती वह हटने को तैयार नहीं हैं।

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