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बढ़ी चिंता:ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या पहुंची सौ के पार, 14 की हो चुकी सर्जरी, 95 निजी अस्पतालों में करा रहे इलाज

फरीदाबाद8 दिन पहले
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डॉक्टर बोले, यह लाइलाज बीमारी नहीं। - Dainik Bhaskar
डॉक्टर बोले, यह लाइलाज बीमारी नहीं।

मुख्य जिला में ब्लैक फंगस मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इन मरीजों की संख्या सौ के पार पहुंच गयी है। इनमें 14 मरीजों का ईएसआई मेडिकल कॉलेज में सर्जरी हो चुकी है। जबकि 95 मरीज विभिन्न निजी अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। सीएमओ डॉ. रणदीप सिंह पुनिया का कहना है कि ब्लैक फंगस लाइलाज बीमारी नहीं है। इसका इलाज संभव है। यह नई बीमारी नहीं है।

उन्होंने कहा कि कोरोना पॉजिटिव होने पर यह बीमारी उस मरीज को जल्द ही अपनी चपेट में ले लेती है जिन लोगों का स्वस्थ कमजोर है और जो व्यक्ति मधुमेह, स्टेरॉयड थेरेपी का प्रयोग कर चुके हैं। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के रजिस्ट्रार डाॅ अनिल कुमार पाण्डेय ने बताया कि में वर्तमान में ब्लैक फंगस बीमारी के 23 लोग मेडिकल संस्थान में उपचाराधीन है। इनमें से 14 उपचाराधीन लोगों की सर्जरी मेडिकल कॉलेज में हो चुकी है। 95 लोगों का प्राइवेट अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इनमें से 39 केस कंफर्म हैं। 35 लोग ठीक हो गए है और 9 केस सस्पेक्टेड हैं।

उन्होंने बताया कि मेडिकल संस्थान में एम्फोटेरिसिन बी की पर्याप्त उपलब्धता के तहत वर्तमान में 19 मरीज इसे प्राप्त कर रहे हैं। एम्फोटेरिसिन बी देने का मानदंड किडनी फंक्शन टेस्ट और सीरम कैल्शियम स्तर पर निर्भर करता है। उन्होंने बताया कि अब ईएसआईसी ने मामलों का जल्द पता लगाना शुरू कर दिया है ताकि तुरंत इलाज शुरू किया जा सके। डॉ अनिल कुमार पाण्डेय ने बताया कि प्रारंभिक अवस्था में म्यूकोर्मिकोसिस की मुख्य विशेषताएं रुकी हुई नाक, नाक के अंदर और आसपास दर्द, आंखें, सिरदर्द हैं ऐसे लक्षण वाले व्यक्ति का यदि जल्दी पता चल जाए तो ब्लैक फंगस बीमारी का पूर्ण इलाज संभव है।