पुनर्वास मामला:खोरी कॉलोनी के प्रभावितों को फ्लैट देने की तैयारी, 29 नवंबर को तैयार हो जाएगी फाइनल लिस्ट, 5200 लोग कर चुके हैं आवेदन

फरीदाबाद2 महीने पहले
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अरावली वनक्षेत्र सूरजकुंड में बसी खोरी कॉलोनी में तोड़े गए छह हजार से अधिक मकानों के प्रभावित लाेगाें को डबुआ कॉलोनी और बापूनगर में फ्लैट देने की तैयारी चल रही है। 29 नवंबर को प्रभावित पात्र लोगों की फाइनल सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद दो दिसंबर को ड्रॉ निकाला जाएगा। 15 दिसंबर से स्थायी अलॉटमेंट देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं दूसरी ओर कोर्ट के आदेश के बाद आधार कार्ड के आधार पर आवेदन करने वाले करीब 17 सौ प्रभावित लोग पुनर्वास योजना से बाहर हो गए हैं। नगर निगम प्रशासन अब तक मिले आवेदन पत्रों की जांच शुरू कर दी है। पुनर्वास पालिसी के तहत सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों की जांच की जा रही है।

अब तक निगम को मिल चुके हैं 5200 आवेदन

प्लानिंग विभाग के सीनियर आर्किटेक्ट बीएस ढिल्लो ने बताया कि पुनर्वास के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 नवंबर तक थी। अब तक निगम के पास करीब 5200 आवेदन आ चुके हैं। अब इन आवेदनों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि आवेदन पत्रों में सबसे पहले सरकार द्वारा पुनर्वास पालिसी के तहत निर्धारित की गई शर्तों से संबंधित कागजों की जांच की जाएगी। इनमें आवेदन करने वाले का बिजली का बिल, जनवरी 2021 से पहले का वोटर लिस्ट में संबंधित व्यक्ति का नाम और जनवरी 2021 से पहले बनवाया गया परिवार पहचान पत्र।

899 लोगों को हुआ है प्रोविजनल अलॉटमेंट

ढिल्लो ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने 899 लोगों को प्रोविजनल अलॉटमेंट लेटर तैयार किया था। इनमें से 465 लेाग ही अलॉटमेंट लेटर रिसीव किया था। उन्होंने बताया कि यदि फाइनल लिस्ट में प्रोविजनल अलॉटमेंट वालों का नाम नहीं होगा तो उनका अलॉटमेंट कैंसिल कर दिया जाएगा। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट पहले ही इस बारे में आदेश दे चुकी है।

ड्रॉ के आधार पर पात्रों को मिलेगा फ्लैट

निगम अधिकारी ने बताया कि दो दिसंबर को होने वाली ड्रॉ के आधार पर ही पात्रों को फ्लैट दिया जाएगा। उनका कहना है कि कोई भी व्यक्ति अपनी इच्छानुसार फ्लैट का चयन नहीं कर सकता। ड्रॉ में जिस व्यक्ति का जहां जिस फ्लोर पर फ्लैट निकलेगा उसी आधार पर उसे स्थायी अलॉटमेंट लेटर जारी किया जाएगा। सभी पात्रों को 30 अप्रैल 2022 से पजेशन देना शुरू किया जाएगा।

वर्ष 2011-12 में बनाए गए थे फ्लैट

बता दें कि जवाहर लाल नेहरू अर्बन रिन्यूवल मिशन (जेएनएनयूआरएम) के तहत डबुआ कॉलोनी में 38.96 करोड़ की लागत से 1968 मकान व बल्लभगढ़ के बापू नगर में 25.27 करोड़ रुपये की लागत से 928 मकानों का निर्माण कार्य कराया गया है। ये काम 2006 में शुरू हुआ था। वर्ष 2011-12 में सभी कुल 2896 फ्लैट बनकर तैयार कर लिया गया। तब से लेकर अब तक ज्यादातर फ्लैट खाली पड़े हैं।

इसलिए बनाए गए थे फ्लैट

औद्योगिक नगरी में नगर निगम की हजारों एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा कर झुग्गियां बनकर तैयार हो गयी थी। इस बढ़ते स्लम को देखते हुए सरकार ने योजना लायी थी जिसमें स्लम में रहने वालों को इन ईडब्ल्यूएस फ्लैट में शिफ्ट किया जाना था। वर्ष 2011 में फ्लैट बनने के बाद सूरजकुंड के लकडपुर खोरी के 202 परिवारों को चिन्हित करके डबुआ कॉलोनी में शिफ्ट किया गया था। इसी तरह से बापू नगर वाले फ्लैटों में भी 149 परिवारों को शिफ्ट किया गया था। बाकी दोनों जगहों पर 2545 फ्लैट जर्जर हालत में हैं।

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