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निगम कर्मियों में आक्रोश:स्वास्थ्य को मौलिक अधिकारों में शामिल करवाने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

फरीदाबादएक महीने पहले
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मांगों पर विचार न करने पर प्रदर्शन की चेतावनी दी गई। - Dainik Bhaskar
मांगों पर विचार न करने पर प्रदर्शन की चेतावनी दी गई।

स्वास्थ्य को मौलिक अधिकारों में शामिल करवाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और जन स्वास्थ्य अभियान हरियाणा की संयुक्त पहल पर मुख्यमंत्री को सम्बोधित 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन डीसी के निजी सचिव को सौंपा। कर्मचारी संघ के नेताओं ने उम्मीद जताई कि सरकार ज्ञापन में दर्ज मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करेगी। यदि ऐसा नहीं हुआ तो आगामी 25 जून को उपायुक्त कार्यालय पर शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बदतर है। वर्तमान में स्वास्थ्य का ढांचा सामान्य बीमारियों का इलाज देने में भी कारगर नहीं है। क्योंकि स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों और पैरामेडिक्स स्टाफ आधे से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। जांच के लिए समुचित उपकरणों एवं मशीनों की कमी है। यदि कहीं उपलब्ध भी हैं तो उनके ऑपरेटर नहीं हैं। मैनपॉवर भी आबादी की जरूरत अनुसार नहीं है। राज्य भर में केवल मात्र 9 हजार नियमित स्वास्थ्य कर्मचारी ही कार्यरत हैं जबकि 25 हजार नियमित कर्मचारियों की सख्त जरूरत है। इनके अलावा इस ढांचे में लगाए गए 14 हजार एनएचएम और 10 हजार आउटसोर्सिंग नीति के तहत अनुबंधित यानि कच्चे कर्मचारी हैं जिनकी सेवा सुरक्षा की कोई गारण्टी नहीं है। कुल मिलाकर इन कच्चे कर्मचारियों को भारी दबाव और तनाव में काम पड़ रहा है। इसीलिए ये सभी कर्मचारी आंदोलन करने पर मजबूर हैं।

कर्मचारियों की मांग है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों अनुसार स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने, ठेका प्रथा खत्म करके सभी एनएचएम के अनुबंध कर्मियों, आउटसोर्सिंग पाॅलसी में लगे ठेका कर्मचारियों एवं आशा वर्करों को नियमित कर्मचारी का दर्जा देने, जन स्वास्थ्य विभाग के टर्म अप्वाएंटी व पंचायती कर्मियों, अनुबंध व ठेका सफाई कर्मियों को पक्का करने, बढ़ती जनसंख्या के हिसाब से मेडिकल, पैरामेडिकल व स्पोर्टिंग स्टाफ के नए पद स्वीकृत करके नियमित भर्ती करने, सम्भावित तीसरी लहर को रोकने के लिए उपयुक्त कदम शीघ्र उठाने और स्वास्थ्य सेवाओं को मौलिक अधिकारों में शामिल करने की मांग की। इस मौके पर जिला सचिव बलबीर बालगुहेर, जिला संयोजक सोनू सोया व एएचपीसी वर्कर यूनियन के राज्य नेता शब्बीर अहमद आदि शामिल थे।

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