फरीदाबाद बरती जा रही लापरवाही:अरावली क्षेत्र में बने अवैध निर्माण तोड़ने का मामला फिर ठंडे बस्ते में, वन विभाग ने साधी चुप्पी

फरीदाबाद22 दिन पहले
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प्रीम कोर्ट ने सभी अवैध निर्माण तोड़ने का आदेश दे चुका है। - Dainik Bhaskar
प्रीम कोर्ट ने सभी अवैध निर्माण तोड़ने का आदेश दे चुका है।

अरावली वन क्षेत्र में बने अवैध निर्माणों काे ताेड़ने का मामला फिर ठंडे बस्ते में चला गया है। वन विभाग एक सप्ताह से कहीं तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं की। ये हाल तब है जबकि सुप्रीम कोर्ट ने सभी अवैध निर्माण तोड़ने का आदेश दे चुका है। हैरानी की बात ये है कि ड्रोन सर्वे कराने के बाद भी वन विभाग अभी तक अवैध निर्माणों की सूची तक सार्वजनिक नहीं की। माना जा रहा है कि वन विभाग के अधिकारी अब तक तोड़े गए एक दर्जन अवैध निर्माण की स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में देकर अन्य को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। इस बारे में वन विभान के अधिकारी राजकुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

23 जुलाई को मिला था तोड़ने का आदेश

बता दें कि खोरी कॉलोनी मंे तोड़फोड़ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 23 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान डबल बेंच की पीठ ने नगर निगम और वन विभाग को अरावली वन क्षेत्र में हुए सभी अवैध निर्माण तोड़ने का आदेश दिया था। वन विभाग इसके लिए नोडल एजेंसी है। कोर्ट की फटकार के बाद वन विभाग ने अब तक महज एक दर्जन फार्म हाउस तोड़कर चुप्पी साध ली है।

निगम ने बदले तोड़फोड़ एसडीओ

नगर निगम कमिश्नर यशपाल यादव ने तोड़फोड़ ब्रांच में बदलाव कर एसडीओ को बदल दिया है। तोड़फोड़ ब्रांच के एसडीओ जीतराम को हटाकर चर्चित एसडीओ सुमेर सिंह को दोबार जिम्मेदारी सौंप दी गई है। अब जीतराम को वार्ड नंबर एक से छह का एसडीओ बनाया है। एसडीओ करतार दलाल को वार्ड सात व सर्वे से हटाकर सेंट्रल स्टोर का चार्ज दिया गया है। पोस्टिंग का इंतजार कर रहे जेई अंकित गोयल को अमृत योजना तिगांव और बापूनगर व डबुआ कॉलोनी में बने फ्लैट के मेंटीनेंस की जिम्मेदारी सौंपी गयी है।जेई देवेंद्र जाखड़ को तिगांव हार्टिकल्चर, जेई नाजिम मोहम्मद को तिगांव सर्वे व जेई सुनील कुमार को तोड़फोड़ तिगांव ब्रांच भेजा गया है।

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