सुनाई सजा:14 साल की किशोरी को बंधक बना दुष्कर्म कर गर्भवती बनाने वाले को कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा

फरीदाबाद3 दिन पहले
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एक आराेपी को साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने किया बरी, सात माह की गभर्वती होने पर पीड़िता के परिजनों को पता चला( कोर्ट की फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
एक आराेपी को साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने किया बरी, सात माह की गभर्वती होने पर पीड़िता के परिजनों को पता चला( कोर्ट की फाइल फोटो)
  • एक अन्य मामले में किशोरी को शादी करने की नियत से भगा ले जाने वाली मां बेटे को कोर्ट ने सुनाई 10-10 साल की सजा

पड़ोस में रहने वाली 14 साल की किशोरी को बंधक बना दुष्कर्म कर गर्भवती बनाने वाले को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जैसमीन शर्मा की कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई है। दुष्कर्मी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इसी कोर्ट ने एक अन्य मामले में एक किशोरी को जबरन शादी करने की नियत से भगा ले जाने वाली मां और बेटे को 10-10 साल की सजा सुनाई है। इन पर भी 50-50 हजार रुपए जुर्माना लगाया है।

महिला थानाक्षेत्र बल्लभगढ़ में रहने वाली 14 वर्षीय किशोरी छह भाई बहन हैं। घटना से करीब 7-8 माह पहले वह घर के पास घेर में जानवरों के लिए चारा लेने गयी थी। वहां एक कमरा भी बन हुआ है। वहां पर गौतमबुद्धनगर के गांव भवकुटी निवासी गौतम अपने एक साथी के साथ छुआ हुआ था। किशाेरी जब पहुंची ताे उसे जबरन कमरे में खींच ले गए और दुष्कर्म किया। घटना के बारे में किसी से बताने पर जान से मारने की धमकी दी। 4-5 दिन बाद दुष्कर्मी गौतम ने दोबारा उससे दुष्कर्म किया।

ऐसे हुआ था घटना का खुलासा

कुछ महीने बाद किशोरी का पेट भारी होने लगा और उल्टी होने लगी। उसकी मां उसे डॉक्टर के पास ले गयी। डॉक्टर ने जब जांच की तो पता चला कि किशाेरी सात माह के गर्भ से है। इसके बाद मां के पूछने पर किशोरी ने सारी घटना बताई। मां ने इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने 18 जून 2019 को केस दर्ज कर लिया था। श्ुक्रवार को केस की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने गौतम को 20 साल की सजा सुनाई। जबकि उसके दोस्त को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।

मां-बेटे ने मिलकर किशोरी को भगा ले गए थे

एक अन्य मामले में हरिविहार बल्लभगढ़ में रहने वाली गीता देवी और उसके बेटे गुड्डू तिवारी पड़ोस में रहने वाली 14 साल की किशोरी को जबरन शादी करने की नियत से 19 अक्टूबर 2018 को भगाकर चंपारण बिहार ले गए थे। जब परिजनों को पता चला तो दोनों के खिलाफ केस दर्ज कराया। दोनों मुल्जिम मूलरूप से पूर्वी चंपारण बिहार के रहने वाले हैं। पुलिस ने 14 नवंबर 2018 को किशोरी को मुल्जिमाें के घर से बरामद किया था। इस मामले में कोर्ट ने मां-बेटे को 10-10 साल की सजा और 50-50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।