तोड़फोड़ का मामला:रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से बने मकानों का मामला पहुंचा हाईकोर्ट, तोड़फोड़ पर रोक लगाने की मांग

फरीदाबाद4 महीने पहले
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न्यू टाउन रेलवे स्टेशन के पास रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से बसे संजय नगर का मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। कोर्ट में याचिका दायर कर होने वाली तोड़फोड़ की कार्रवाई को रोकने की मांग की है।

मजदूर आवास संघर्ष समिति के सदस्य एवं बस्ती निवासी दीपक शर्मा ने बताया कि संजय नगर में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूर जैसे घरेलू कामगार, निर्माण मजदूर, हॉकर्स, फैक्ट्री मजदूर जिनके लगभग 500 से ज्यादा परिवार पिछले 50 वर्षों से रह रहे हैं। करीब 3000 की जनसंख्या वाले संजय नगर में 575 से ज्यादा गर्भवती एवं धात्री महिलाएं हैं। दो आंगनवाड़ी केंद्र और एक सामुदायिक केंद्र भी बना है। अब यहां के लोगों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। समिति के सदस्य दीपक शर्मा ने हाईकोर्ट में रिट डालकर स्टे एवं पुनर्वास की गुहार लगाई है। मजदूर आवास संघर्ष समिति के नेशनल कन्वीनर निर्मल गोराना ने बताया कि वैश्विक महामारी में रेलवे द्वारा बेदखली के नोटिस जारी करना असंवेदनशील एवं अमानवीयता का परिचय देता है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रिट को स्वीकार कर लिया है। यह मामला सुनवाई के लिए 28 सितंबर को रखा गया है।

कई अन्य केस में मिल चुका है स्टे

गोराना ने बताया कि ओल्गा टेलिस बनाम मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन 1985, सुदामा सिंह बनाम दिल्ली सरकार 2010, अजय माकन एंड अदर्स बनाम भारत सरकार 2019 सहित कई मामलों में मजदूर परिवारों को आवास के मुद्दे पर राहत मिली है। कई अदालतों ने लाखों घरों को इन आदेशों के आधार पर स्टे दिया हुआ है। उन्होंने कहा कि हाल ही में रेलवे प्रशासन द्वारा इंदिरा नगर की 200 झुग्गियों को बिना पुनर्वास के बेदखल कर दिया, जो अमानवीय कृत्य है। अब न्यू टाउन रेलवे स्टेशन के पास में बसी संजय नगर की झुग्गियों को उत्तर रेलवे प्रशासन द्वारा 14 सितंबर को नोटिस दिया गया। जिसके कारण मजदूर परिवार अत्यंत भयभीत हैं।

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