पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

बाइक चोरी करने वाले दो धरे गए:लॉकडाउन में नौकरी चली गई तो बन गया वाहन चोर; चोरी की 7 बाइक, एक देसी कट्टा और कारतूस बरामद

फरीदाबाद3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
फरीदाबाद। पुलिस के शिकंजे में चढ़े आरोपी और उनसे बरामद चोरी के वाहन। - Dainik Bhaskar
फरीदाबाद। पुलिस के शिकंजे में चढ़े आरोपी और उनसे बरामद चोरी के वाहन।

पुलिस ने दो मोटरसाइकिल चोरों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चोरी की 7 मोटरसाइकिलें और एक कट्‌टा व कारतूस भी मिला है। ये अधिकतर सेक्टर-12 टाउन पार्क आने वाले लोगों की बाइकें चुराते थे। इनकी पहचान विकास उर्फ विक्की और पुष्पेंद्र के रूप में हुई है। दोनों बहादुरपुर गांव के रहने वाले हैं। इसमें विकास नौकरी करता था, लेकिन लॉकडाउन में नौकरी छूट जाने से वह वाहन चोरी करने लगा। उसने इस काम में अपने साथ को भी जोड़ लिया। उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।

टाउन पार्क आने वालों की उड़ाते थे बाइक

सेंट्रल क्राइम ब्रांच प्रभारी इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह के अनुसार, आरोपियों को बल्लभगढ़ क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में इन्होंने वाहन चोरी की कई वारदातें करना कबूल किया है। 2-3 माह से सेंट्रल थाना एरिया के टाउन पार्क से लगातार मोटरसाइकिलें चोरी हो रही थीं। बाइक चोरी के सेंट्रल थाने में दर्जनों केस दर्ज हुए हैं। लगातार हो रहीं चोरियों के बाद पुलिस टीम का गठन किया गया। इसने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनसे वाहन चोरी की 7 वारदातें सुलझी हैं।

पूछताछ में दोनों ने बताया कि ये नशा करने के आदी हैं। आरोपी विकास उर्फ विक्की पहले SRS माल में वाहन पार्किंग में सिक्योरिटी गार्ड था। लाकडाउन के दौरान नौकरी छूट जाने के बाद कोई काम धंधा नहीं मिलने के कारण वह वाहन चोरी करने लगा। इसने गांव के ही अपने साथी पुष्पेन्द्र को पैसों का लालच देकर उसे भी चोरी के काम में शामिल कर लिया।

अधिकतर शाम के समय वारदात करते थे

दोनों आरोपी शाम के समय मोटरसाइकिल चोरी करते थे। आरोपी विकास उर्फ विक्की रैकी करता था। जैसे ही टाउन पार्क के बाहर गेट पर मोटरसाइकिल मालिक अपनी बाइक खड़ी करता। विकास उसके पीछे जाकर उसकी रैकी करता और बाहर गेट पर खड़े दूसरे साथी को अंदर पार्क से इशारा करता। दूसरा साथी बाइक का लाक तोड़ता और लेकर भाग जाता। दोनों आरोपी बाइक को लेकर अपने गांव बहादुरपुर की तरफ निकल जाते। पुलिस की पकड़ में न आएं इसके लिए चोरी करने के बाद दोबारा 5-6 दिन तक उस जगह चोरी करने नहीं आते थे। लेकिन ये ज्यादा दिन तक पुलिस से बच नहीं पाए और धर लिए गए।

खबरें और भी हैं...