पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

पलवल का रेलवे लाइन घोटाला:7 गज जमीन 30 लोगों के नाम की थी, 1 एचसीएस सस्पेंड, 2 से जवाब मांगा

पलवल10 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
अनियमितताओं के चलते तीन एचसीएस अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। - Dainik Bhaskar
अनियमितताओं के चलते तीन एचसीएस अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
  • तीन अफसरों पर कार्रवाई

हरियाणा सरकार ने स्पेशल रेलवे प्रोजेक्ट वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पलवल में भूमि अधिग्रहण के दौरान अनियमितताओं के चलते तीन एचसीएस अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। इनमें से एक अधिकारी को सस्पेंड करने व दो अन्य को स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए गए हें। इन अधिकारियों में कवर सिंह, जितेंद्र कुमार और डॉ. नरेश शामिल है।

राज्य सरकार ने इस परियोजना के भूमि अधिग्रहण के दौरान अनिमितताओं के तहत एसडीएम, तहसीलदार, रजिस्ट्री क्लर्क व पटवारियों के खिलाफ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के अलावा एफआईआर दर्ज करने के आदेश भी दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई को करने के लिए अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। फरीदाबाद के मंडल आयुक्त द्वारा इस मामले की पूरी जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपी गई जिसमें इन अनियमितताओं के बारे में बताया गया। आदेशों में कंवर सिंह को निलंबित करने व अंडर रूल 7 की चार्जशीट दाखिल करने के भी आदेश दिए गए हैं।

जबकि एचसीएस जितेंद्र कुमार व डॉ. नरेश के विरुद्ध भी स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए गए हैं, जबकि अन्य के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए कहा गया है, जबकि डाटा एंट्री ऑपरेटर की सेवा व अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाओं को डिसएंगेज करने के लिए नोटिस जारी किया गया है।

मुंबई-दादरी रेलवे फ्रेट कॉरिडोर का मामला

मुंबई दादरी रेलवे फ्रेट कॉरिडोर के लिए वर्ष 2013 में जमीन का अधिग्रहण किया गया। रेलवे को कुछ और जमीन की जरूरत पडी तो उसके लिए असवटी, मैदापुर, जटौला, पृथला, छपरौला, टहरकी व कलवाका आदि गांवों की कुछ जमीन का अधिग्रहण किया गया।

दोबारा जमीन अधिग्रहण के नोटिफिकेशन के बाद पटवारियों और एसडीएम कार्यालय के कर्मचारियों ने रेलवे नियमों का लाभ उठाने के लिए छोटे-छोटे जमीन के टुकडों की रजिस्ट्री करवाई। रेलवे के लिए अधिग्रहण वाली जमीन के छोटे-छोटे टुकडे जैसे 7 गज, 12, गज, 15 गज में 30-30, 40-40 लोगों के नाम शामिल कर दिए गए। इनमें जींद, कैथल, फरीदाबाद, बल्लभगढ़ व सोनीपत के लोगों को भी शामिल किया गया।

रजिस्ट्री में नहीं है लोगों के फोटो : रजिस्ट्री में दर्ज नामों के पूरे नाम व पते नहीं दर्शाए गए हैं। पृथला और छपरौला में दर्ज 8 रजिस्ट्रियों में इसी प्रकार की हेराफेरी की गई है। रेवन्यू विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिस व्यक्ति ने रजिस्ट्री करवाई है, वहीं उनकी पहचान कर सकता है।

रजिस्ट्री में शामिल लोगों के फोटो भी नहीं लगे हैं। जमाबंदी में एक नाम है, जबकि रजिस्ट्री में 40 नाम शामिल हैं। रिहब्लिेशन एंड रिसटेलमेंट पॉलिसी का लाभ उठाने की नीयत से नाम दर्ज करवाए गए हैं। लैंड अकजीविशन ब्रांच में कार्यरत पटवारी की इस मामले का सूत्रधार बताया गया। करीब 100 गज जमीन में 493 लोग के नाम शामिल किए गए। इस बारे में रेलवे ने वर्ष 2019 के एक आदेश का हवाला देते हुए अवार्ड देने से इंकार कर कमिश्नर संजय जून की अदालत का दरवाजा खटखटाया गया।

खबरें और भी हैं...