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खुद बेरोजगार, दूसरों को बांटते थे नौकरी:सरकारी नौकरी के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ठगी करने वाले दो गिरफ्तार

पलवलएक महीने पहले
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पलवल। पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए आरोपी। - Dainik Bhaskar
पलवल। पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए आरोपी।

सरकारी नौकरी के फर्जी नियुक्ति पत्र देकर लोगों से ठगी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनसे विभिन्न कागजात सहित अन्य सामान बरामद हुआ है।

एसपी दीपक गहलावत ने बताया कि मीसा गांव निवासी उमेश कुमार ने चांदहट थाना पुलिस को सात अप्रैल 2021 को शिकायत दी थी। इसमें उनका कहना था कि पलवल कोर्ट में चपरासी के लिए उन्होंने आवेदन किया था। इसमें उन्हें वेटिंग में रखा गया था। इस दौरान उक्त आरोपियों ने उन्हें फोन पर सूचना देकर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर 26 हजार रुपए हड़प लिए। नियुक्ति पत्र फर्जी पाए जाने पर उन्होंने चांदहट थाने में केस दर्ज करा दिया। इसकी जांच चांदहट थाना पुलिस व साइबर सेल को सौंप दी गई। दोनों टीमों ने संयुक्त रूप से जांच करते हुए फर्जीवाड़े में इस्तेमाल किए गए बैंक खाते एवं मोबाइल नंबरों का रिकॉर्ड जांचा। पुलिस ने जांच में मुख्य आरोपी मंडावली नई दिल्ली निवासी अर्जुन टाक को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर उसके सहयोगी लक्ष्मी नगर नई दिल्ली निवासी विनोद कुमार को भी दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों का एक साथी मथुरा जिले के सुरीर निवासी मनोज फरार है। उसकी तलाश में पुलिस लगी है। एसपी ने बताया कि आरोपियों से अभी तक की पूछताछ में तीन मामले पलवल जिले के, तीन मामले फरीदाबाद जिले के व अन्य मामले दूसरे जिले व राज्यों के हैं। इनके संबंध में पुलिस जानकारी जुटा रही है।

कैसे करते थे लोगों के साथ ठगी

मुख्य आरोपी विनोद ने पूछताछ में बताया कि इंटरनेट के माध्यम से विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग पदों पर की जाने वाली भर्ती में रिजेक्टेड अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड हासिल कर उन्हें संबंधित विभागों की फर्जी स्टाम्प आदि का प्रयोग कर साथियों के साथ मिलकर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करते थे। उनसे भर्ती होने के बाद की जाने वाली ट्रेनिंग के लिए पैसे की ठगी करते थे। इसी प्रकार वे हजारों लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर लाखों रुपए की ठगी कर चुके हैं।

क्या-क्या हुआ ठगों से बरामद

थाना प्रभारी रामचंद जाखड़ के अनुसार ठगों से चार फर्जी मुहर, दो पैड, चार मोबाइल फोन व 18 सिम कार्ड, 750 डाक लिफाफे जस्टिस डिपार्टमेंट व वन विभाग के नाम से, दो डोंगल एयरटेल व रिलांयस के, 234 डॉक स्पीड पोस्ट टिकट, सैकड़ों फर्जी नियुक्ति पत्र, 12 हजार रुपए व प्रिंटिंग मशीन व सीपीयू आदि बरामद हुए हैं।

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