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कोरोना पर डाॅक्टरों की चिंता:स्कूल खोलने को लेकर बाल विशेषज्ञ डाॅक्टरों ने सीएम के नाम सौंपा डीसी को ज्ञापन

गुरुग्राम17 दिन पहले
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बुधवार को इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) हरियाणा ने सीएम के नाम एक ज्ञापन सौंपा। - Dainik Bhaskar
बुधवार को इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) हरियाणा ने सीएम के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
  • आईएपी के बाल रोग विशेषज्ञों ने पहले बैठक की, बाद में सरकार व प्रशासन को कराया अवगत
  • आईएपी हरियाणा के दृष्टिकोण को वैज्ञानिक डेटा और साक्ष्य के साथ सरकार और प्रशासन के सामने पेश करने का निर्णय लिया

बुधवार को इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) हरियाणा, के बाल रोग विशेषज्ञों ने सीएमओ डाॅ. विरेन्द्र यादव व डीसी डॉ. यश गर्ग के माध्यम से सीएम के नाम एक ज्ञापन सौंपा। आईएपी हरियाणा टीम का प्रतिनिधित्व आईएपी हरियाणा के अध्यक्ष डॉ. अजय अरोड़ा, डॉ. एमपी जैन, वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ और आईएमए गुरुग्राम के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एनएस यादव व डॉ. प्रभात माहेश्वरी ने किया।

डॉ अरोड़ा के अनुसार बच्चों में कोरोना संक्रमण को लेकर विचार-विमर्श करने के लिए हरियाणा के कुछ प्रमुख बाल रोग विशेषज्ञों की एक कोर ग्रुप बैठक हुई। जिस पर गहन विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से आईएपी हरियाणा के दृष्टिकोण को वैज्ञानिक डेटा और साक्ष्य के साथ सरकार और प्रशासन के सामने पेश करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार हम समझते हैं कि बच्चों को कोरोना से कुछ प्राकृतिक सुरक्षा मिलती है। बाल रोग विशेषज्ञों का मानना है कि दूसरी लहर में बड़ी संख्या में बच्चे संक्रमण के संपर्क में आए और हाल ही में किए गए सीरो सर्वेक्षणों के आधार पर, यह 60-70 फीसदी तक हो सकती है।

इन अवलोकनों के आधार पर आईएपी हरियाणा को लगता है कि मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करने वाली 'तीसरी लहर' की कोई भी बात किसी वैज्ञानिक तर्क पर आधारित नहीं है।आईएपी ने सुझाव दिया है कि हमें हरियाणा में बाल आबादी की वास्तविक स्थिति जानने के लिए बच्चों का एक सीरो सर्वेक्षण करना चाहिए और यदि यह एक उच्च सरोप्रवलेंस की पुष्टि करता है तो हमें स्कूलों को फिर से खोलने पर विचार करना चाहिए।

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