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अधिकारियों के साथ बैठक में मेयर ने दी हिदायतें:जलभराव को लेकर मेयर ने चेतावनी दी, भविष्य में इस प्रकार की ना हो समस्या, अफसर गंभीरता से करें कार्य

गुड़गांव3 दिन पहले
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गुड़गांव. जलभराव की समस्याओं को लेकर निगम अधिकारियों और पार्षदों के साथ बैठक करती मेयर मधु आजाद। - Dainik Bhaskar
गुड़गांव. जलभराव की समस्याओं को लेकर निगम अधिकारियों और पार्षदों के साथ बैठक करती मेयर मधु आजाद।

बरसात के दौरान शहर में जलभराव की समस्या पैदा ना हो इसको लेकर जीएमडीए, नगर निगम, हुडा, पीडब्ल्यूडी और अन्य संबंधित विभागों की लगातार बैठकें हो रही थी। बीते 2 महीने से बैठकों का दौर चल रहा था। ड्रेनों की सफाई को लेकर लेकर करोड़ों रुपए खर्च किए गए। अधिकारियों की जिम्मेवारी तय की गई। प्रशासन द्वारा सभी चिन्हित क्षेत्रों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए, मगर मानसून की पहली बारिश में ही सारी तैयारियों की पोल खुल गई।

खास बात यह थी कि बैठकों के दौर में मेयर मधु आजाद की टीम को शामिल नहीं किया गया था, मगर अब जब जलभराव को लेकर प्रशासन की पूरी दुनिया में किरकिरी हो रही है, तो मेयर का भी गुस्सा फूट पड़ा। गुड़गांव की मेयर मधु आजाद ने मंगलवार को स्थानीय लोक निर्माण विश्राम गृह में निगम पार्षदों एवं अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें सोमवार को हुई भारी बरसात से पूरे शहर में जलभराव की समस्या पर नाराजगी जाहिर की तथा भविष्य में इस प्रकार की समस्या ना हो इस बारे में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए।

जनता को बेहतर मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाना हमारी जिम्मेदारी है

मेयर ने कहा कि निगम पार्षद एवं अधिकारी एक परिवार हैं तथा हम सभी की गुरूग्राम की जनता के प्रति जवाबदेही है। अगर जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तो तारीफ भी नगर निगम की होगी और अगर व्यवस्था खराब होगी तो जिम्मेदारी भी नगर निगम की ही होगी। जनता को बेहतर मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाना हमारी जिम्मेदारी है। सभी निगम पार्षद एवं अधिकारीगण एक साथ मिलकर कार्य करें तथा अधिकारी जब भी किसी वार्ड में जाएं, संबंधित निगम पार्षद को इसकी सूचना अवश्य दें।

उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि सोमवार को हुए जलभराव से सबक लेकर कमियों को दूर करके भविष्य में जलभराव की समस्या ना हो, इसके पुख्ता प्रबंध करें। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जो अधिकारी व कर्मचारी काम के प्रति गंभीरता नहीं दिखाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई बारे हरियाणा के मुख्यमंत्री सहित उच्च अधिकारियों के समक्ष कार्रवाई हेतु प्रस्ताव भेजा जाएगा। मेयर ने कमिश्नर से कहा कि जब भी किसी वार्ड या डिवीजन से जेई, एसडीओ या एक्सईएन का तबादला दूसरे वार्ड या डिवीजन में किया जाए, उससे पूर्व संबंधित निगम पार्षद से सलाह अवश्य ली जाए।

कमिश्नर ने की मिलकर समस्या दूर करने की बात- दूसरी तरफ, निगम कमिश्नर आयुक्त मुकेश कुमार आहुजा ने कहा कि सोमवार को हुई जलभराव की समस्या के दौरान जो भी कमियां रही, उन्हें निगम पार्षदों के साथ मिलकर दूर किया जाएगा तथा अगली बरसात में ऐसी समस्या ना हो, इसके पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे। पिछली बैठकों की बातों को दोहराते हुए कमिश्नर ने निगम के सभी जॉइंट कमिश्नरों से कहा कि वे निगम पार्षदों व इंजीनियरों के साथ प्वाईंज वाईज ग्राउंड विजिट करें तथा कार्रवाई करें। बरसात से पहले जलभराव की तैयारियों को लेकर हुई बैठकों में भी निगम कमिश्नर ने ज्वाइंट कमिश्नर्स को यही निर्देश दिए थे। जलभराव से निपटने के इंतजामों के लिए उन्होंने सभी ज्वाइंट कमिश्नर्स की जिम्मेवारी तय की थी। मगर अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, जिसका खामियाजा नगरवासियों ने सोमवार को भुगता।

पोंड एवं प्राकृतिक नालों की मांग- अरावली क्षेत्र में बनाए गए पोंड एवं प्राकृतिक नालों की व्यवस्था पर जोर देते हुए निगम पार्षद कुलदीप यादव ने कहा कि इस प्रकार की व्यवस्था जहां पर भी संभव हो, अन्य क्षेत्रों में भी की जाए। सोमवार को हुई भारी बरसात में इन पोंड व प्राकृतिक नालों में पानी एकत्रित हुआ, जो धीरे-धीरे ग्राउंड वाटर को रिचार्ज करेगा। उन्होंने मॉड्यूलर हारवैस्टिंग पिट बनाने का भी सुझाव दिया।

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