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नगर निगम में आउटसोर्स सलाहकारों पर गाज:सही ढंग से कार्य नहीं करने वालों को दिखाया बाहर का रास्ता, सेवानिवृत्ति के बाद राजनीतिक सिफारिश के बाद हुए थे भर्ती

गुड़गांव18 दिन पहले
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गुड़गांव नगर निगम में आउटसोर्स पर कार्यरत सलाहकारों के औचित्य पर एक बार फिर से सवाल उठ रहे हैं। सोमवार को नगर निगम की मेहर मधु आजाद ने निगम में कार्यरत सलाहकारों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की और सही ढंग से कार्य नहीं करने वालों को बाहर का रास्ता दिखाया। नगर निगम में आउटसोर्स पर सलाहकार के तौर पर 14 कर्मी तैनात हैं। वेतन के तौर पर निगम से प्रतिमाह 50 हजार रुपए से एक लाख रुपए तक लेने वाले इन कर्मियों के अस्तित्व पर अब खतरा बना हुआ है। सेवानिवृत्ति के बाद राजनीतिक सिफारिशों पर तैनात इन सलाहकारों को लेकर बार-बार सवाल उठते रहे हैं। इनको लेकर मेयर भी नाराज चल रही है।

सख्त हुई मेयर

मेयर ने सोमवार को नगर निगम की कानूनी शाखा, विजिलैंस शाखा, स्वच्छ भारत मिशन, सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज, शिकायत प्रबंधन, आईटी व पर्यावरण आदि शाखाओं में लगे सलाहकारों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की तथा उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। स्वच्छ भारत मिशन शाखा में कार्यरत आईईसी एक्सपर्ट डा. हरभजन सिंह द्वारा दबाव में दिए गए त्यागपत्र को स्वीकृत करने तथा इसी शाखा में कार्यरत सलाहकार अनिल मेहता की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय बैठक में लिया गया।

सलाहकार अनिल मेहता की सेवा समाप्त करने की सिफारिश

स्वच्छ भारत मिशन शाखा की समीक्षा के दौरान मेयर ने कहा कि शाखा की तरफ से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरा अलगाव, बल्क वेस्ट जनरेटरों सहित बंधवाड़ी लैंडफिल साईट पर प्रभावी रूप से कार्य किया जाना चाहिए। शहर में सफाई व्यवस्था को दुरूस्त करना भी इसी शाखा की जिम्मेदारी है। उन्होंने इस शाखा में लगे सलाहकार अनिल मेहता की सेवाओं को समाप्त करने की सिफारिश की। मेयर ने सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज शाखा से जुड़ी सलाहकार अनिता फलसवाल को निर्देश दिए कि वे सभी सीवरमैनों का प्रशिक्षण करवाएं, ताकि शहर के सीवरों की बेहतर सफाई सुनिश्चित की जा सके।

एसई रमेश शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा

मेयर द्वारा जारी आदेशों की पालना नहीं करने व बैठक में दुर्व्यवहार करने के कारण अधीक्षक अभियंता रमेश शर्मा के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश मेयर मधु आजाद द्वारा की गई। मेयर ने कहा कि उनके द्वारा एसई को वार्ड-22 में विजिट करने के निर्देश गत सप्ताह दिए गए थे, जिनकी पालना उनके द्वारा नहीं की गई। जब इस बारे में मेयर ने एसई से जवाब तलब किया तो वे बैठक को छोड़कर आचले गए। इसके चलते एसई को चार्ज मुक्त करने तथा उनका यहां से दूसरी जगह तबादला करने की अनुशंसा मेयर द्वारा निगमायुक्त से की कि इस बारे में सरकार को रिपोर्ट भेजी जाए।

विजिलेंस विंग की कार्यशैली पर सवाल

विजिलेंस विंग की समीक्षा के दौरान मेयर मधु आजाद विंग की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट नजर आई तथा उन्हें अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि गांव डूंडाहेड़ा में चौपाल की दीवार गिरने के मामले में विजिलेंस विंग द्वारा पिछले 3 माह में कोई कार्रवाई नहीं की गई, जो कि चिन्ता का विषय है। इसके साथ ही विंग द्वारा किसी भी प्रकार की रिपोर्ट मेयर कार्यालय को ना देना हरियाणा नगर निगम अधिनियम-1994 की अवहेलना है।

बैठक में एडीशनल म्यनिसिपल कमिशनर रोहताश बिश्नोई, चीफ इंजीनियर ठाकूरलाल शर्मा, चीफ अकाऊंट ऑफिसर विजय सिंगला, डीएफओ सुभाष यादव, अधीक्षक अभियंता राधेश्याम शर्मा एवं रमेश शर्मा सहित विभिन्न शाखाओं में कार्यरत सलाहकार उपस्थित थे।

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