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एसटीपी का विरोध:नूरपुर गांव में एसटीपी लगाने के विरोध में तीसरी बार हुई पंचायत, बोले-भौड़ाकलां गांव का सीवर का पानी नूरपुर गांव में नहीं आने दिया जाएगा

पटौदी14 दिन पहले
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एसटीपी लगाने के विरोध में पंचायत - Dainik Bhaskar
एसटीपी लगाने के विरोध में पंचायत
  • ग्रामीणों का कहना है कि दूसरे गांव की गंदगी वो किसी भी सूरत में अपने गांव में बर्दास्त नहीं करेंगे।

पटौदी भौड़कलां की पंचायत की एसटीपी अब नूरपुर गांव में नहीं लगने दी जाएगी। इस बाबत जनस्वास्थ्य विभाग के एक्शन से मिलकर प्रस्तावित एसटीपी को भौड़ाकलां गांव की सीमा में ही लगाने की मांग रखी जाएगी। यह फैसला मंगलवार को तीसरी बार हुई 15 गांवों की पंचायत में किया गया। फैसले के दौरान भौड़ाकलां गांव की पंचायत के सदस्यों सहित सरपंच भी मौजूद रहे। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि दूसरे गांव की गंदगी वो किसी भी सूरत में अपने गांव में बर्दास्त नहीं करेंगे।

क्या है मामला
भौड़ाकलां गांव के सीवर के पानी की निकासी के लिए समीपवर्ती गांव नूरपुर में 2 एकड़ जमीन पंचायत द्वारा खरीदी गई तथा इस जमीन पर जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा एसटीपी बनाने का काम शुरू कर दिया गया। एसटीपी नहीं बनाने के लिए ग्रामीणों ने कई बार अपनी आवाज बुलंद की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। बाद में नूरपुर के निवासियों ने पंचायत कर इसका विरोध किया।

कई बार हुई पंचायतें
नूरपुर के नागरिकों द्वारा इस बाबत तीन बार पंचायतें बुलाई। शनिवार की पंचायत में फैसला हुआ कि रविवार को 12 गांवों की पंचायत होगी। रविवार को 12 गांवों के लोगों ने कहा कि भौड़ाकलां की पंचायत को एसटीपी रोकने तथा अपना पक्ष रखने के लिए मंगलवार को गांव में बुलाया जाए। इसके बाद मंगलवार को आस पास के गांवों के 100 से ज्यादा लोग पंचातय में पहुंचे।

यह बनी सहमति
मंगलवार को राकेश कुमार की अध्यक्षता में हुई पंचायत में निर्णय लिया गया कि भौड़ाकलां गांव का सीवर का पानी नूरपुर गांव में नहीं आने दिया जाएगा। इसके लिए भौड़ाकलां के ग्रामीणों ने भी सहमती जाहिर की। ग्रामीणों और दूसरी पंचायतों के कहने पर फैसला किया कि एसटीपी भौड़ाकलां गांव की सीमा में ही बनेगा और इस बाबत जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जल्द जल्द भेट कर इसे दूसरी जगह बनाने की बात रखी जाएगी।