अभिभावकों में रोष, स्कूल प्रबंधक लूट रहे हैं अंधाधुंध:प्राइवेट स्कूल प्रबंधक फीस के लिए दे रहे दबाव, एग्जाम फीस लेकर रद्द की परीक्षाएं

गुड़गांव8 महीने पहले
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प्राइवेट स्कूल प्रबंधक फीस के लिए दे रहे दबाव, एग्जाम फीस लेकर रद्द की परीक्षाएं - Dainik Bhaskar
प्राइवेट स्कूल प्रबंधक फीस के लिए दे रहे दबाव, एग्जाम फीस लेकर रद्द की परीक्षाएं

पिछले दो सैशन में पढ़ाई के नाम पर जीरो रहा है लेकिन प्राइवेट स्कूल प्रबंधक सरकार की मिलीभगत से अभिभावकों को जमकर लूट रहे हैं। जहां पिछले छह महीने से बच्चों की फीस जमा कराने के लिए स्कूल प्रबंधक दबाव बनाकर हजारों रुपए प्रति अभिभावकों से ले चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 9 अप्रैल को उस समय अचानक स्कूल बंद करने की घोषणा कर दी, जब करीब 70 फीसदी अभिभावक अपने बच्चों की फीस जमा कर चुके थे। एक अभिभावक ने बताया कि 10 अप्रैल से आठवीं तक की परीक्षाएं शुरू होनी थी।

इसके लिए स्कूलों में प्रति बच्चे 300 रुपए से 500 रुपए तक एग्जाम फीस जमा करवा ली गई। इसके बाद अब एग्जाम हुआ नहीं और मैसेज कर दिया कि कोविड के चलते परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं और सभी बच्चों को अगली क्लास में प्रमोट कर दिया गया है।

अभिभावकों का कहना है कि आखिर सरकार की मिलीभगत से प्राइवेट स्कूल प्रबंधक जमकर लूट रहे हैं। कोरोना महामारी मार्च महीने के पहले सप्ताह से ही बढ़ गई थी। मार्च महीने के अंतिम सप्ताह में 400 से तक केस गुड़गांव में मिलने लगे थे, लेकिन इसके बावजूद स्कूल बंद करने की घोषणा नहीं की गई। जिसकी वजह प्राइवेट स्कूलों में फीस जमा नहीं होना था।

लेकिन 9 अप्रैल को मुख्यमंत्री ने गुड़गांव आगमन पर अचानक पहली से आठवीं तक के स्कूल बंद करने की घोषणा कर दी। जिससे ना केवल बच्चों की परीक्षाएं रद्द हो गई साथ ही अभिभावकों ने अपने बच्चों की हजारों रुपए की फीस भी जमा करवा दी। अभिभावकों का कहना है कि आखिर यह मिलीभगत नहीं है तो क्या है।

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