छेड़छाड़ के आरोप में कार्रवाई:महिला से छेड़छाड़ का आरोपी रैडक्रॉस सचिव गिरफ्तार, हाई कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद हुई कार्रवाई

गुरुग्राम22 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
आरोपी गिरफ्तारी से बचने  अग्रिम जमानत याचिका दायर कर बच रहा था। - Dainik Bhaskar
आरोपी गिरफ्तारी से बचने अग्रिम जमानत याचिका दायर कर बच रहा था।
  • अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में लगाई थी याचिका, कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका ख़ारिज कर कस्टोडियल इन्वेस्टीगेशन के दिए आदेश
  • मंगलवार को महिला वेस्ट थाना पुलिस ने किया गिरफ्तार

महिला को रैडक्रॉस ऑफिस में नौकरी देकर उसके साथ छेड़छाड़ करने व धमकी देने वाले रैडक्रॉस सचिव श्याम सुंदर को महिला थाना वेस्ट ने मंगलवार शाम को गिरफ्तार कर लिया है। केस दायर होने के 45 दिन बाद हुई गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। आरोपी श्याम सुंदर ने अग्रिम जमानत के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। जमानत याचिका में आरोपी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि महिला ने जिस दिन छेड़छाड़ होने की बात कही है उस दिन वह ऑफिस में ही नहीं था, लेकिन अदालत में शिकायतकर्ता द्वारा पेश किए वाट्सऐप स्क्रीनशॉट को देखते हुए अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत को गत 24 सितंबर को ख़ारिज कर दिया था। अदालत ने कहा कि मामले की जांच प्रारंभिक स्तर पर है, ऐसे ऐसे में कस्टोडियल इन्वेस्टीगेशन की जरुरत है। महिला थाना वेस्ट प्रभारी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी गई है।

बता दें कि, महिला थाना वेस्ट पुलिस को दी शिकायत में महिला ने बताया कि वह गत तीन अप्रैल को एक चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित महिला कार्यक्रम में शामिल होने सोहना गई थी। जहां महिला की मुलाकात रैडक्रॉस सचिव श्याम सुंदर से हुई। महिला ने बताया कि सचिव ने उन्हें सोसाइटी के टीआई प्रोजेक्ट में काउंसलर पद पर नियुक्त किए जाने की बात कहते हुए अपने कार्यालय बुलवाया। दो दिन बाद वह रैडक्रॉस सचिव कार्यालय गई और सचिव ने उन्हें उसी दिन ड्यूटी ज्वाइन करा दी। महिला ने आरोप लगाया कि इसके बाद सचिव ने उन्हें व्हाट्सएप पर अश्लील मैसेज भेजे। इनके महिला ने स्क्रीन शॉट ले लिए। इसके बाद महिला की तबीयत खराब हो गई, जिसके कारण वह करीब 10 दिन तक कार्यालय नहीं गई और न ही मैसेज के बारे में वह सचिव से बात कर पाई। 28 अप्रैल को सचिव ने एक महिला के माध्यम से उन्हें कार्यालय बुलवाया और प्लाज्मा डोनेट कार्यक्रम की वीडियो बनाने को कहा।

महिला ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान जब वह कुर्सी पर बैठकर वीडियो बना रही थी तो सचिव श्याम सुंदर ने उन्हें गलत नीयत से छुआ। इसी दौरान श्याम सुंदर ने महिला को बुलाया और कहा कि उनकी पहुंच सीएम तक है। डीसी भी उनकी बात मानते हैं। मेरा फ्लैट वाटिका बादशाहपुर में है। तुझे वहां रखूंगा। मेरा कहना मानेगी तो गुड़गांव में राज करेगी। मेरे पास पिस्टल है और तू कहां से आई और कहां गई तेरा पता भी नहीं चलेगा। इस बात का पता लगने पर उक्त ट्रस्ट की चेयरपर्सन ने सचिव को फोन किया तो सचिव ने मामले को घुमाने के लिए किसी दूसरे श्याम राजपूत का नाम ले लिया।

महिला ने आरोप लगाया कि इसके बाद सचिव ने उन्हें परेशान करने के लिए ड्यूटी सोहना में लगा दी और उन्हें कार्यालय न आकर घर से ही कार्य करने के लिए कह दिया। इसके बाद उन्हें फोन कर मानसिक यातनाएं दी जाने लगी। इसके साथ ही उनका वेतन भी रोक लिया गया। परेशान होकर महिला ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जब महिला ने कार्यालय में अपना इस्तीफा दिया तो एक अन्य स्टाफ ने उन्हें धमकी दी। इसके बाद वह शिकायत लेकर डीसी कार्यालय गई।

महिला ने आरोप लगाया कि डीसी ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके साथ ही उसे रैडक्रॉस सचिव कार्यालय से श्याम राजपूत व अन्य ने फोन कर धमकी दी कि उन्होंने पीड़िता के चाचा से बात कर ली है। जब वह अपने गांव जाएगी तो उसे पता लग जाएगा। इस पर महिला ने अपनी जान को खतरे की आशंका जताते हुए पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने 12 अगस्त को केस दर्ज कर लिया। इसके बाद से आरोपी पुलिस गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर बच रहा था।

खबरें और भी हैं...