बदलता ट्रेंड:सोशल मीडिया एक 'लाइफ स्किल' की जरूरत के रूप में उभरा: अजित गुणवंत पारसे

गुरुग्राम3 महीने पहले
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  • सोशल मीडिया' लोकतंत्र के पांचवें स्तम्भ के रूप में उभरा है, जिसे नकारा नही जा सकता
  • इंटरनेट से जुड़े 82 फीसदी लोग करते हैं सोशल मीडिया का इस्तेमाल

सोशल मीडिया आज क्रांतिकारी संचार के माध्यमों में से उभरा है, इंटरनेट की लगभग 82 फीसदी आबादी सोशल मीडिया का इस्तेमाल करती है। सोशल मीडिया अब लोगों की जिंदगी का अभिन्न अंग बन गया है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग आज हर उम्र के लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। औसतन दिन के 2.5 घंटे का इस्तेमाल लोग सोशल मीडिया पर करते हैं । जो दर्शाता है कि आज सोशल मीडिया एक ‘लाइफ स्किल' की जरूरत के रूप में उभरा है। यह बात सोशल मीडिया अन्वेषक अजित गुणवंत पारसे ने कही। उन्होंने बताया कि आज दुनिया भर में सोशल मीडिया के करीब 360 करोड़ यूजर हैं, जिसके कारण अब ये बातचीत या जुड़ने का जरिया नही रहा, बल्कि आज ये व्यापारिक प्रतिस्पर्धा का भी केंद्र बन चुका है, लगभग 91% रिटेल ब्रांड दो या दो अधिक सोशल मीडिया चैनेल का उपयोग कर रहे हैं ।

पारसे समावेशित शिक्षा के बारे में कहते हैं कि प्रारंभिक दौर में अभिभावकों और स्कूलों का ध्यान बच्चों के सोशल स्किल को विकसित करने पर था, जिसमें वो लोगों के साथ व्यावहारिक ज्ञान को सीखते थे, लेकिन आज के दौर में सोशल मीडिया को भी पाठ्यक्रम में समावेशित करने की जरूरत है, बच्चे इसके सही उपयोग और आयामों को समझ सकें।

पारसे ये भी बताते हैं सोशल मीडिया आज के दौर में एक नये मार्केटप्लेस के तौर पर उभरा है। जहां बिजनेसेस ग्राहकों की रुचि,उनकी जीवन शैली और उनकी पसंद के अनुसार उन तक मार्केटिंग और एडवर्टाइजिंग टूल के माध्यम अपनी सीधी पहुंच बना सकती है ।

अजित गुणवंत पारसे ने बताया कि पहले हमें बताया जाता था कि लोकतंत्र के सिर्फ चार स्तम्भ है, लेकिन आज के दौर में ‘सोशल मीडिया' लोकतंत्र के पांचवें स्तम्भ के रूप में उभरा है, जिसे नकारा नही जा सकता। आज अधिकांश संगठन और मीडिया जगत भी सोशल मीडिया के जरिये ही लोगों से जुड़ रहे हैं और तो और आज आन्दोलनों को शक्ल देने के रूप में, हैशटैग कैंपेन से लेकर क्राउडफंडिंग तक, सोशल मीडिया एक प्रभावी और भरोसेमंद मंच बन गया है।

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