पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

प्रदर्शन:डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर ट्रक यूनियन ने किया प्रदर्शन, केंद्रीय परिवहन मंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन

गुड़गांव21 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर प्रदर्शन करते ट्रक यूनियन के प्रतिनिधि। - Dainik Bhaskar
डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर प्रदर्शन करते ट्रक यूनियन के प्रतिनिधि।

डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में बुधवार को भारत ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने केन्द्रीय परिवहन मंत्री, प्रधानमंत्री के नाम सीटीएम को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सिविल लाइन से मोर चौक से होते हुए सोहना चौक, अलवर रोड से होते हुए लघु सचिवालय तक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने केन्द्र सरकार से ज्ञापन में राहत देने की अपील की है।

उन्होंने इस दौरान ‘हमारी मांगे पूरी करो’ “बहुत हुई डीजल की मार, ट्रांसपोर्ट व्यवसाय में घोर अंधकार, ट्रांसपोर्ट व्यवसाय बचाओ मोरेटोरियम लाओ,बहाल हो रहे ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को राहत पैकेज दिया जाए “टैक्स में पेनेलटी माफ की जाए, “25% किराए में बढ़ोतरी की मांग की गई। के नारे लगाते हुए एक जुलूस के रूप में मोर चौक, सोहना चौक होते हुए पी डब्ल्यू रेस्ट हाउस के सामने से मिनी सचिवालय गुरुग्राम पहुंचे।

जहां पर ज्ञापन देने के लिए सुशील कुमार नायब तहसीलदार पहुंचे, लेकिन ट्रांसपोर्ट ने मांग की कि हम अपना ज्ञापन डीसी गुरुग्राम को देंगे जो उसके बाद एसडीएम गुड़गांव एकता चौधरी ज्ञापन लेने पहुंची, जो ट्रांसपोर्ट ने अपनी मांगों का ज्ञापन प्रधानमंत्री, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री भारत सरकार, वित्त मंत्री भारत सरकार तथा मुख्यमंत्री दिल्ली सरकार के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन एसडीम गुरुग्राम को दिया। जो कि गुरुग्राम एसडीएम एकता चौधरी ने आश्वासन दिया कि आपकी मांगों का ज्ञापन उचित माध्यम से भिजवा दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री से की जाएगी डीजल के दाम कम करने की अपील
रवि सेठी ने कहा कि वैसे तो कई बार फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण से एक बार फिर राहत देने की मांग जाएगी। पिछले वर्ष की तुलना में महामारी इस बार अधिक घातक रही है। ऐसे में ट्रक का किराए से अधिक खर्च हो गया है। ऐसे में उन्हें राहत देने की मांग की है। डीजल के दाम कम करने को लेकर केन्द्र सरकार इस पर सुनना नहीं चाहती है। जिससे रोजाना डीजल के दामों में बढ़ोतरी हो रही है।

ट्रक यूनियन की ये हैं मुख्य मांगें

वर्ष 2015 में दिल्ली में ग्रीन टैक्स लागू हुआ था। उस वक्त सरकार द्वारा इस बाबत बताया गया था कि बीएस4 व बीएस6 आने के बाद ग्रीन टैक्स नहीं वसूला जाएगा, लेकिन बीएस6 आने के बाद भी ग्रीन टैक्स की वसूली लगातार जारी है। बीएस4 में 20 फीसदी से 25 फीसदी एवं बीएस6 में 30 फीसदी से 35 फीसदी का रेट ऑटोमोबाइल कंपनियों ने बढ़ा दिए हैं। जिसकी मार भी ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्रीज पर पड़ी है।

खबरें और भी हैं...