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दिल्ली सरकार की कैबिनेट बैठक:कोविड से निपटने हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 1544 करोड़ मंजूर; टेस्टिंग, दवा और उपकरण खरीदने सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं पर होंगे खर्च

नई दिल्लीएक महीने पहले
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दिल्ली सरकार इस वर्ष कोरोना से निपटने के लिए 1544 करोड़ रुपए खर्च करेगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में कोरोना से निपटने और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूती प्रदान करने के लिए 1544 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया है। इस बजट का इस्तेमाल दिल्ली सरकार टेस्टिंग और लैब सुदृढ़ीकरण, दवा व उपकरण खरीदने, अतिरिक्त मानव संसाधन जुटाने, अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने और कोविड देखभाल केंद्रों के प्रबंधन आदि पर खर्च करेगी।

इस फंड में से टेस्टिंग और लैब के सुदृढीकरण मद में 415.54 करोड़ रुपए दिए जाएंगें। इसी तरह, दवा व उपकरणों आदि की खरीद मद में 445 करोड़, अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के मद में 280 करोड़ रुपए, अतिरिक्त मानव संसाधन जुटाने पर 150 करोड़ रुपए और कोविड देखभाल केंद्रों के प्रबंधन के मद में 125 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा अन्य गतिविधियों पर बजट खर्च किया जाना है।

सीएनजी चलित 190 लो फ्लोर बस खरीदेंगे
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कैबिनेट की बैठक में क्लस्टर योजना के तहत 190 नई लो-फ्लोर सीएनजी चालित वातानुकूलित बसों को शामिल करने को मंजूरी दी। ये बसें घुम्मनहेरा डिपो से संचालित होंगी। इन 190 क्लस्टर बसों के बेड़े में शामिल होने से क्लस्टर बसों की कुल संख्या 3383 हो जाएगी। इधर क्लस्टर बसों के टेंडर को लेकर भाजपा के युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील यादव ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और परिवहन मंत्री कैलाश गहलौत पर निशाना साधा है।
यादव ने कहा है कि दिल्ली सरकार बनी है तब से क्लस्टर बसें दनादन बेड़े में शामिल हो रही हैं, सारा फोकस क्लस्टर बसों को सड़क पर उतारने पर है। यह क्यों या कैसे किया जा रहा है इसे केजरीवाल और गहलौत की बेहतर बता सकते हैं। केजरीवाल सरकार डीटीसी को बंद करवा कर ही मानेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवहन विभाग इन डीटीसी में मौजूद खटारा बसों की फिटनेस लेकर सड़कों पर सवारियों की जान से खिलबाड़ करते हुए दौड़ा रही है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने का डर है।

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