दिल्ली में कोरोना का कहर:कोरोना के 17335 नए मामले, 9 की मौत, 8951 मरीज ठीक हुए, एक्टिव केस 40 हजार के करीब

नई दिल्ली16 दिन पहले
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बाजारों, मॉल और दुकानों पर नियमों का पालन नहीं हो रहा है। - Dainik Bhaskar
बाजारों, मॉल और दुकानों पर नियमों का पालन नहीं हो रहा है।

दिल्ली में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। शुक्रवार को कोरोना से संक्रमण दर 18 फीसदी के करीब पहुंच गया। वहीं सवा 6 माह बाद दिल्ली में कोरोना से सबसे ज्यादा मौत हुई। दिल्ली में कोरोना के एक्टिव केस बढ़कर 40 हजार के करीब पहुंच गए हैं। इनमें आधे से ज्यादा मरीज अपने घरों में अपना इजाल करवा रहे हैं। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शुक्रवार को कोरोना के 17335 नए मरीज सामने आए। 8951 मरीजों को छुट्टी दी गई। वहीं 9 मरीजों ने कोरोना के कारण दम तोड़ दिया।

दिल्ली में अभी तक 1506798 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 1441789 मरीजों को छुट्टी दे दी गई है। वहीं 25136 मरीजों ने कोरोना के कारण दम तोड़ दिया। दिल्ली में कोरोना से मृत्युदर 1.67 फीसदी है। विभाग के अनुसार दिल्ली में कोरोना के एक्टिव केस बढ़कर 39873 हो गए हैं। इनमें से दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में 1390 मरीज भर्ती हैं। वहीं कोविड केयर सेंटर में 529, हेल्थ सेंटर में 1 और होम आइसोलेशन में 20695 मरीज भर्ती हैं।

अस्पतालों में भर्ती 1390 मरीजों में से 77 मरीज कोरोना लक्षणों के साथ, 1313 कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती हैं। इनमें से 154 मरीज दिल्ली के बाहर से और 1159 मरीज दिल्ली से हैं। 996 मरीज बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के और 286 ऑक्सीजन स्पोर्ट पर हैं। वहीं 31 गंभीर मरीज वेंटिलेटर पर हैं।

दिल्ली में कोरोना की जांच के लिए गुरुवार को 97762 टेस्ट हुए जिसमें 17.73 फीसदी मरीज संक्रमित पाए गए। इन जांच के लिए आरटीपीसीआर से 78154 और रैपिड एंटीजन से 19608 टेस्ट हुए। दिल्ली में अभी तक 33284109 टेस्ट हो चुके हैं। दिल्ली में बढ़ते मामलों के साथ हॉटस्पॉट की संख्या 6912 हो गई है।

निजी अस्पतालों में 20 से 30% तक बेड हुए फुल
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामलों के साथ निजी अस्पतालों में भर्ती हो रहे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दिल्ली के अधिकतर निजी अस्पतालों में 20 से 30 फीसदी तक बेड भर चुके हैं। इनमें से अधिकतर मरीज ऑक्सीजन बेड पर हैं। हालांकि काफी मरीज को ऑक्सीजन स्पोर्ट की जरूरत नहीं है। दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में करीब 226 बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें से 53 बेड पर मरीज भर्ती हैं। इनमें 5 डॉक्टर, 7 नर्स और 3 हेल्थकेयर वर्कर भी शामिल हैं।

वहीं मैक्स सहित अन्य अस्पतालों में भी तेजी से बेड भर गए हैं। इस संबंध में सर गंगा राम अस्पताल के अध्यक्ष डॉ डी एस राणा ने बताया कि शुक्रवार को कोविड के 53 मरीज भर्ती हैं। इनमें 5 डॉक्टर, 7 नर्स और 3 हेल्थकेयर कर्मचारी शामिल हैं। आईसीयू में सभी मरीज गंभीर सर्जिकल या मेडिकल बीमारियों की वजह से भर्ती हैं। टेस्ट के दौरान यह कोरोना संक्रमित पाए गए। आईसीयू में सिर्फ 1 मरीज में ही कोविड निमोनिया के कुछ सबूत मिले हैं। अन्य बेड या वार्ड में भर्ती किसी भी मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं है।

उनमें से कुछ को मोनोक्लोनल एंटीबॉडी के लिए वार्ड में भर्ती किया जाता है, जबकि अन्य को मध्यम कोविड रोगों के कारण भर्ती किया गया है। वहीं दिल्ली सरकार के एप के अनुसार दिल्ली में 1429 बेड पर मरीज भर्ती हैं। 1358 मरीज ऑक्सीजन बेड पर हैं, 235 मरीज आईसीयू बेड पर और 89 मरीज वेंटिलेटर के साथ आईसीयू बेड पर भर्ती हैं।

ट्रेन, बस या फ्लाइट पकड़नी है तो वैध टिकट के साथ जाने की इजाजत
तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामलों को लेकर दिल्ली में आज से सोमवार सुबह 5 बजे तक डीडीएमए के आदेश पर दिल्ली सरकार ने वीकेंड कर्फ्यू लागू कर दिया है। इस दौरान किसी को ट्रेन, बस या फ्लाइट की पकड़नी है तो पास में वैध टिकट के साथ रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या फिर एयरपोर्ट जाने की इजाजत होगी।
इसके साथ ही दिल्ली के लोग के लिए जरूरी होगा कि वो किसी अन्य जरूरी काम से घर से बाहर निकलते से पहले अपने साथ वैलिड आईडी कार्ड के साथ प्रशासनिक अधिकारी को वैलिड रीजन बताना भी आवश्यक होगा। आज से दिल्ली में इस वक्त नाइट कर्फ्यू लागू है और इस दौरान कोविड प्रोटोकॉल तोड़ने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने के साथ जुर्माना के साथ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

जरूरी सेवाओं के अलावा सभी सरकारी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम के आदेश
इस दौरान दिल्ली सरकार ने जरूरी सेवाओं के अलावा सभी सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को वर्क फ्रॉम होम के आदेश जारी किए है। इसके साथ ही प्राइवेट संस्थानों को जबकि प्राइवेट संस्थानों में 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम का नियम लागू रहेगा। इस दौरान बस और मेट्रो फुल कैपेसिटी के साथ चलेगी। हालांकि इस दौरान लोगों को बेवजह घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं रहेगी।

इन लोगों को मिलेंगी इस तरह से छूट
अन्य देश के राजनयिकों के कार्यालयों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों, सभी डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल स्टाफ, मेडिकल सेवाओं से जुड़े स्टाफ, जैसे- डायग्नोस्टिक सेंटर, क्लीनिक, फार्मेसियों, फार्मास्युटिकल कंपनियां, मेडिकल ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों को वैलिड आईडी और मीडियाकर्मियों को वैलिड प्रेस आईडी कार्ड के साथ आने-जाने की इजाजत मिलेगी। कर्फ्यू के दौरान गर्भवती महिला और मरीजों को डॉक्टर की पर्ची दिखाने पर यात्रा की अनुमित होगी।
वीकेंड कर्फ्यू के दौरान कोरोना जांच या फिर वैक्सीनेशन के लिए लोगों को आने-जाने की छूट मिलेगी। इसके साथ परीक्षा देने वाले छात्रों और स्टाफों को भी छूट मिलेगी। यही नहीं, शादी के कार्ड की सॉफ्ट या हार्ड कॉपी दिखाने पर 20 व्यक्तियों को शादी समारोह में आने-जाने की अनुमति मिलेगी। वीकेंड कर्फ्यू के दौरान जरूरी सामान बेचने वाली दुकानों को छोड़कर बाकी सभी दुकानें बंद रहेंगी और सोमवार से शुक्रवार तक सभी जरूरी दुकानें सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक खुली रहेगी।

मजदूरों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है: सत्येंद्र जैन
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शुक्रवार को प्रेस को संबोधित करते हुए कोरोना वायरस को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट बहुत तेज़ी से फैल रहा है। दिल्ली में एक्टिव केस की संख्या 31,498 हो गई है। पर ओमिक्रॉन वेरिएंट से घबराने की कोई जरूरत नहीं है। विशेषज्ञों ने भी स्पष्ट किया है की कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट माइल्ड और कम घातक है।
जैन ने निर्माण मजदूरों को आश्वस्त करते हुए बताया कि दिल्ली में साप्ताहिक कर्फ्यू लगा है, लॉक डाउन नहीं। इसलिए मजदूरों एवं प्रवासी कामगारों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। दिल्ली में लॉकडाउन नहीं लगा है। निर्माण कार्य पहले की तरह सामान्य रूप से चलता रहेगा। मजदूरों एवं प्रवासी कामगारों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। दिल्ली में केवल साप्ताहिक प्रतिबंध लागू है।
कोरोना की रोकथाम के लिए मास्क लगाना और सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन करना ही बचाव के सबसे बेहतरीन उपाय है। गंभीर लक्षण होने पर ही अस्पतालों का रुख करें। होम आइसोलेशन में इलाज संभव है। होम आइसोलेशन की अवधि घटा कर 7 दिन कर दी है। 7 दिन के होम आइसोलेशन खत्म होने के अगर 3 दिन तक बुखार नहीं आता तो टेस्ट करने की कोई आवश्यकता नहीं है, आप अपने काम पर वापस लौट सकते हैं।

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