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  • 7.5 Crore Doses Of Covaccine Were To Be Received This Month, 2 Crore Would Be Available; Vaccination So Slow

मंत्री बदलते ही बदल गया वैक्सीनेशन का गणित:जुलाई में कोवैक्सिन की 7.5 करोड़ डोज मिलनी थीं, मिलेंगी 2 करोड़; राेजाना 44 लाख से भी कम टीके लगने का अनुमान

नई दिल्ली2 महीने पहलेलेखक: पवन कुमार
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केंद्र सरकार ने इस साल दिसंबर तक वैक्सीन की 225 करोड़ डोज मिलने का दावा किया था। केंद्र ने एक खाका तैयार करके बताया था कि किस महीने किस वैक्सीन की कितनी डोज मिलेंगी। इसके बाद 14 मई को सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को भी यही बताया था कि जुलाई में वैक्सीन के कुल 17.08 करोड़ डोज मिलेंगे, लेकिन अब नए स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया है कि जुलाई में भी 13.5 करोड़ डोज ही उपलब्ध रहेंगे। रोजाना लगने वाला टीकों का औसत भी 44 लाख से कम रहने की आशंका है।

कम ही रहेंगे सभी कंपनी के वैक्सीन डोज
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि कोवैक्सिन का जुलाई में उत्पादन 2 करोड़ से बढ़कर 7.5 करोड़ डोज हो जाएगा। कोवीशील्ड के 7.5 करोड़ और स्पुतनिक के 2.08 करोड़ डोज मिलेंगे। यानी कुल 17.08 करोड़ डोज जुलाई में मिलेंगे, लेकिन 26 जून को सुप्रीम कोर्ट में ही सौंपे पूरक हलफनामे में सरकार ने बताया कि जुलाई में कोवैक्सिन की 2 करोड़ डोज ही मिल सकेंगी।

मई के आकलन से 5.5 करोड़ डोज कम। कोवीशील्ड की 2.5 करोड़ डोज ज्यादा यानी कुल 10 करोड़ डोज मिलेंगी, वहीं स्पुतनिक की उपलब्धता नए हलफनामे में स्पष्ट नहीं की गई। इस बीच, नए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा है कि जुलाई में राज्यों को 13.5 करोड़ डोज दी जाएंगी। इसका शेड्यूल 19 जून को ही राज्यों को दिया जा चुका है।

मंत्री बदलते ही टीके की उपलब्धता के आंकड़े भी बदल गए
14 मई:
सरकार ने दिसंबर तक का प्लान पेश किया, इसमें लिखा था जुलाई में 17.08 करोड़ डोज मिलेंगी।

23 जून: केंद्र ने कहा- जुलाई में राज्यों को 22 करोड़ डोज मिलेंगी, इससे टीकाकरण की रफ्तार बढ़ेगी।

14 जुलाई: स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया ने कहा- जुलाई में राज्यों को 13.50 करोड़ डोज ही मिलनी हैं।

अब आगे: मंडाविया के ताजा बयान को आधार मानें तो इस महीने में भी रोज लगने वाले टीकों का औसत 44 लाख से कम ही रहेगा।

30 दिन का गणित
देश में 21 जून को 85 लाख से ज्यादा टीके लगे तो टीकाकरण के रफ्तार की उम्मीद बंधी। हालांकि 26 जून को रोज टीकों का औसत (7 दिनी) 64.80 लाख हो गया, जो सबसे ज्यादा था। उसके बाद से लगातार गिरावट आ रही है। 13 जुलाई को रोजाना औसत 37.68 लाख रह गया, जो अपने उच्चतम स्तर से 41.4% कम है। अब जुलाई में कुल 13.5 करोड़ टीके मिलने का दावा किया गया है, ऐसे में रोजाना औसत अधिकतम 44 लाख से ज्यादा नहीं रह पाएगा।

राज्यों को पहले बता ही दिया जाता है कि कब कितनी डोज मिलेंगी
महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान समेत कुछ राज्यों में टीका केंद्रों पर भीड़ जुट रही है। राज्योंं का कहना है कि टीके उपलब्ध नहीं हैं, लोगों को बिना टीका लगवाए लौटना पड़ रहा है। इस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा- वैक्सीन की उपलब्धता के बारे में कुछ राज्य सरकारों के बयान तथ्यों से परे हैं। दरअसल, राज्यों को पहले ही बता दिया जाता है कि उन्हें कब-कब कितनी वैक्सीन दी जाएंगी।

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