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कोयला और बिजली की कमी की पड़ताल:17 प्लांट में कोयला खत्म, हरियाणा में बिजली उत्पादन 66% तक घटा; गुजरात, MP, महाराष्ट्र में भी उत्पादन क्षमता से बहुत कम

नई दिल्ली3 दिन पहलेलेखक: अनिरुद्ध शर्मा
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सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के नेशनल पावर पोर्टल की रिपोर्ट के मुताबिक, कई राज्यों के प्लांट्स अपनी क्षमता से कम बिजली उत्पादन कर पा रहे हैं। - Dainik Bhaskar
सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के नेशनल पावर पोर्टल की रिपोर्ट के मुताबिक, कई राज्यों के प्लांट्स अपनी क्षमता से कम बिजली उत्पादन कर पा रहे हैं।

देश में काेयला संकट और बिजली कटौती के बीच राज्यों के पावर प्लांट्स में बिजली उत्पादन की स्थिति की ताजा तस्वीर सामने आई है। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के नेशनल पावर पोर्टल की मंगलवार की रिपोर्ट के मुताबिक, कई राज्यों के प्लांट्स अपनी क्षमता से कम बिजली उत्पादन कर पा रहे हैं। पोर्टल के मुताबिक, हरियाणा के पावर प्लांट्स में बिजली उत्पादन में 66% की कमी आई है। वहीं गुजरात के पावर प्लांट्स में 40% की कम बिजली बन रही है। मध्य प्रदेश में 35%तो महाराष्ट्र में 25 बिजली कम बन रही है।

दूसरी तरफ पंजाब के पावर प्लांट्स में 38% कम बिजली बन पा रही है। राजस्थान और झारखंड के पावर प्लांट्स में क्रमश: 51% और 50% बिजली कम बन रही है। छत्तीसगढ़ के पावर प्लांट्स के उत्पादन में 25% की कमी आई है। दक्षिण के राज्यों की बात करें तो आंध्र प्रदेश के पावर प्लांट्स में 45% बिजली उत्पादन कम हो रहा है। कर्नाटक के पावर प्लांट्स में 62% कम उत्पादन हो रहा है। तमिलनाडु और तेलंगाना की स्थिति बेहतर है। वहां दोनों स्थानों पर क्रमश: 5 और 2% ही उत्पादन में कमी आई है।

कोयला कोष: 137 में से 26 प्लांट्स में 1 दिन, 40 में 2-3 दिन का कोयला
सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी की मंगलवार की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 135 पावर प्लांट्स में से 17 के पास एक दिन का भी कोयला नहीं है। इनकी कुल क्षमता 16,430 मेगावाट है। 34,930 मेगावाट क्षमता वाले 26 प्लांट्स में 1 दिन का कोयला बचा है। 40 प्लांट्स में 2 से 3 दिन का कोयला है, जो 51,419 मेगावाट बिजली पैदा करते हैं। 32 प्लांट्स में 4 से 6 दिन के लिए कोयला बचा है। वहां 37,435 मेगावाट बिजली बनती है।

कोल इंडिया से लगातार सड़क-रेल से सप्लाई भी हो रही है, इसलिए स्टॉक में बदलाव भी हो रहा है। 16 पावर प्लांट्स खदानों के बिल्कुल करीब हैं, इन्हें सड़क या रेल से कोयला नहीं भेजना होता। कोयला खदानों से निकालकर सीधे प्लांट में पहुंचता है। इन प्लांट्स की कुल बिजली उत्पादन क्षमता 35,200 मेगावाट है और इन प्लांट्स के पास औसतन करीब 5 दिन का स्टॉक उपलब्ध है।

जबकि देश के बाकी 119 पावर प्लांट्स में 10 प्लांट्स कोयला खदानों से 1500 किलोमीटर से अधिक की दूरी या समुद्री तटों के करीब हैं। ऐसे 10 प्लांट्स में से 8 प्लांट्स के पास 5 दिन और 2 प्लांट्स के पास 9 दिन का कोयला स्टॉक में है। बाकी 109 प्लांट्स में से 70 के पास 4 दिन और 26 प्लांट्स के स्टॉक में 7 दिन का कोयला उपलब्ध है।

PMO के निर्देश: मंत्रालय कोयले की आपूर्ति बढ़ाए, रेलवे रैक बढ़ाए
इधर, प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंगलवार काे काेयले की आपूर्ति और बिजली उत्पादन की स्थिति की समीक्षा की। राजस्थान से लेकर केरल तक बिजली संकट के बीच ऊर्जा सचिव आलाेक कुमार और काेयला सचिव एके जैन ने बिजली और काेयले की आपूर्ति की स्थिति की पूरी जानकारी दी। सूत्राें के मुताबिक काेयला मंत्रालय काे आपूर्ति बढ़ाने के साथ ही रेलवे काे इसके लिए रैक मुहैया कराने काे कहा गया है।

केंद्र सरकार ने काेल इंडिया से काेयला आपूर्ति बढ़ाने काे कहा
केंद्रीय काेयला मंत्री प्रहलाद जाेशी ने कहा कि 20-21 अक्टूबर तक काेयला आपूर्ति 19.5 लाख टन से बढ़ाकर 20 लाख टन प्रतिदिन हो जाएगी। बिजली उत्पादन इकाइयाें काे काेयले की कमी नहीं होगी। काेल इंडिया के पास 22 दिन का स्टाॅक है। हालांकि, सरकार ने काेल इंडिया की आपूर्ति काे नाकाफी मानते हुए उससे इसमें और तेजी लाने काे कहा है। केंद्र ने राज्याें काे चेतावनी दी है कि अगर उनकी बिजली इकाइयां बढ़े हुए दामाें का फायदा उठाने के लिए बिजली बेचते हुए पाई गईं ताे उनके काेटे का कोयला घटाया जाएगा।

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