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  • Corona Positive Cases Increased 13 Times In 14 Days In Gurgaon, Two Patients Died Of Infection In 24 Hours, Highest In Eight Months

गुड़गांव में कोरोना LIVE:गुड़गांव में 14 दिनों में 13 गुणा बढ़े कोरोना पॉजिटिव केस, संक्रमण से 24 घंटे में दो पेशेंट ने तोड़ा दम, आठ महीने में सबसे

गुड़गांव6 दिन पहले
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वैक्सीन लगवाते स्टूडेंट्स - Dainik Bhaskar
वैक्सीन लगवाते स्टूडेंट्स
  • एक जनवरी से 14 जनवरी तक 13 गुणा बढ़े पॉजिटिव केस, 46.13 लाख लोगों को लगे वैक्सीन के डोज

जिला में कोरोना संक्रमण एक बार फिर जानलेवा हो गया है। शुक्रवार को 24 घंटे के दौरान जहां आठ महीने में सबसे अधिक 3897 नए केस मिले, वहीं एक पुरुष व महिला ने कोरोना संक्रमण से दम तोड़ दिया। हालांकि दोनों को अन्य बीमारियां भी थी। साथ ही दोनों की उम्र भी 61 व 63 साल थी, जिससे कोरोना के शिकार हो गए। इनमें से एक पूरी तरह वैक्सीनेटिड था, जबकि दूसरे कोई वैक्सीन नहीं लगी थी। गुड़गांव में मिले 3897 नए केस के साथ ही एक्टिव केस का आंकड़ा बढ़कर 17539 हो गए, जिनमें से अब तक 138 पेशेंट अस्पतालों में एडमिट हो चुके हैं। पिछले 24 घंटे में ही 26 लोग अस्पतालों में एडमिट हुए हैं। ऐसे में एक बार फिर कोरोना से बेड व ऑक्सीजन आदि की कमी हो सकती है।

गुड़गांव में शुक्रवार को 13 हजार से अधिक कोरोना टेस्ट किए गए, जिनमें से चार हजार की रिपोर्ट पेंडिंग रह गई। जबकि नौ हजार टेस्ट में से 3897 पॉजिटिव केस मिले, जिससे जिला में पॉजिटिविटी रेट बढ़कर 20 फीसदी के करीब पहुंच गया है। ऐसे में जिला में तीसरा व्यक्ति पॉजिटिव मिल रहा है। यही वजह है कि गुड़गांव में हर मिनट तीन पॉजिटिव केस मिलने लगे हैं। जिला में दो लोगों की मौत होने के साथ ही कुल मौत का आंकड़ा भी बढ़कर 931 हो गया है। वहीं जिला में कुल पॉजिटिव केस का आंकड़ा बढ़कर 207642 हो गया, जिनमें से अब तक कुल 189172 रिकवर हो चुके हैं।

जिला स्वास्थ्य विभाग ने जारी की हेल्थ एडवाइजरी

शुक्रवार को जारी हेल्थ एडवाइजरी में 60 साल से ऊपर के लोगों को एडमिट होने की जरूरत बताई गई है। इसके अलावा ऑक्सीजन सेचुरेशन 93 फीसदी से अधिक है तो अस्पताल में एडमिट होने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा पॉजिटिव टेस्ट मिलने के सात दिन तक बुखार या अन्य लक्षण नहीं है तो होम आइसोलेशन में रहकर ईलाज करा सकते हैं। इसके अलावा लक्षण नहीं दिखाई देने पर टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा एक सप्ताह में एक बार ही टेस्ट कराएं, बार-बार टेस्ट नहीं कराएं। इसके अलावा हेल्थ वर्कर्स के लिए पीपीई किट पहनकर ही ड्यूटी करने की हिदायत दी गई है। वहीं लक्षण दिखने में अपने आपको क्वारेंटाइन रखें।