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दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के पहली बैठक:डिप्टी सीएम ने कहा -हमारा उद्देश्य छात्रों में नई चीजें सीखने की ललक पैदा करना

नई दिल्लीएक महीने पहले
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दिल्ली सरकार का मुख्य उद्देश्य छात्रों में असेसमेंट का उद्देश्य रटकर सीखने की परंपरा खत्म कर, छात्रों में नई चीजें सीखने की ललक पैदा करना है। ये बात उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कही। डिप्टी सीएम की अध्यक्षता में मंगलवार को दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के पहली बैठक हुई। जिसमें नॉमिनेटेड और पदेन सदस्यों ने भाग लिया।

इस अवसर पर सिसोदिया ने बैठक में उपस्थित शिक्षकों और उपस्थित अधिकारियों और छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार का मुख्य उद्देश्य बच्चों के लिए उच्च गुणवत्ता की शिक्षा सुनिश्चित करना है।

सिसोदिया ने कहा कि पहली बैठक के एजेंडा में सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन का पंजीकरण, दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन का गठन और शैक्षणिक सत्र 2021- 2022 से इसके कामकाज के साथ-साथ बोर्ड के सदस्य मनोनीत सदस्यों का परिचय एवं बोर्ड के विजन से अवगत करवाना था।

सिसोदिया ने कहा कि, दिल्ली में हमारे सभी बच्चों के लिए उच्च गुणवत्ता की शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में दिल्ली बोर्ड फॉर स्कूल एजुकेशन एक महत्वपूर्ण कदम है। पिछले 6 वर्षों में दिल्ली में हमारे काम ने भारत के सरकारी स्कूलों की धारणा को बदल दिया है।

हालाँकि, हम जानते हैं कि असली काम अब शुरू होता है। अगली पीढ़ी के शिक्षा सुधार मूल्यांकन में सुधारों पर निर्भर करते हैं। उन्होंने कहा कि अब 360 डिग्री मूल्यांकन होना चाहिए, जहां हम समग्र रूप से एक छात्र के ज्ञान, दृष्टिकोण और कौशलों का आंकलन कर पाएंगे।

दिल्ली बोर्ड के तीन उद्देश्य: सिसोदिया

दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के उद्देश्य पर चर्चा करते हुए उप मुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के तीन उद्देश्य हैं। पहला, बोर्ड सीखने के रटंत पद्धति को ख़त्म करने का काम करेगा। यह बोर्ड प्रत्येक विद्यार्थियों की एक समग्र तस्वीर देने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

जो विषयों में शैक्षणिक क्षमता से आगे बढ़कर विद्यार्थियों में भविष्य के आवश्यक कौशल जैसे कि क्रिटिकल थिंकिंग, रचनात्मकता, 21वीं सदी के कौशल आदि विकसित करेगा। दूसरा, बोर्ड निरंतर फॉर्मेटिव असेसमेंट पर ज़ोर देगा।

बोर्ड की स्थापना का मुख्य उद्देश्य मूल्यांकन प्रणाली को “पार्टनर ऑफ लर्निंग बनाना है न कि अथॉरिटी ऑफ टेस्टिंग।” और तीसरा, हम छात्रों में ग्रोथ माइंडसेट को प्रोत्साहित करना चाहते हैं जो नियमित मूल्यांकन का हिस्सा बनकर सुनिश्चित हो सकेगा।

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