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  • Employment Grew At An Average Rate Of More Than 4% In Seven Years In Nine Sectors Including Manufacturing, Construction, Trade, Transport, Education And Health.

3 साल बाद तिमाही रोजगार सर्वे जारी:7 साल में मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन, ट्रेड, ट्रांसपोर्ट, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित नौ क्षेत्रों में औसतन 4 % से अधिक रफ्तार से बढ़ा रोजगार

नई दिल्ली2 महीने पहले
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केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने तिमाही रोजगार सर्वे (QES) की रिपोर्ट जारी की है। - Dainik Bhaskar
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने तिमाही रोजगार सर्वे (QES) की रिपोर्ट जारी की है।

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही तक बीते सात वर्षों में देश के नौ क्षेत्रों में रोजगार औसतन सालाना चार फीसदी से अधिक रफ्तार से बढ़ा है। इनमें मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन, ट्रेड, ट्रांसपोर्ट, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रेस्तरां, IT/BPO और फाइनेंशियल सर्विसेज शामिल हैं। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा सोमवार को जारी तिमाही रोजगार सर्वे (QES) से यह जानकारी सामने आई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इन नौ क्षेत्रों में अनुमानित कुल रोजगार अप्रैल-जून, 2021 के दौरान कुल 3.08 करोड़ तक पहुंच गया। छठी आर्थिक जनगणना में इसका आंकड़ा 2.37 करोड़ (जनवरी-2013 से अप्रैल-2014 के बीच) था। यानी सात वर्षों के दौरान इन नौ क्षेत्रों में रोजगार में 29% की बढ़ोतरी हुई है। यह सालाना आधार पर 4.14% औसत वृद्धि को दर्शाता है।

सर्वे के मुताबिक 25 मार्च से 30 जून-2020 के बीच कोरोना की पहली लहर की वजह से 27% कंपनियों-फैक्टरियों में रोजगार में गिरावट देखने को मिली। खास बात यह रही कि इस दौरान 81% वर्कर्स को लॉकडाउन के दौरान पूरा वेतन मिला। जबकि 16% वर्कर्स को कम मजदूरी मिली। वहीं, करीब 3% वर्कर्स को मजदूरी देने से इनकार कर दिया गया। कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 27% वर्कर्स को घटी मजदूरी स्वीकार करनी पड़ी। जबकि 7% वर्कर्स को एक पैसा नहीं मिला।

पहले दौर के तिमाही सर्वे के मुख्य बिंदु

  • 90% कंपनियों-फैक्टरियों में 100 से कम वर्कर्स के साथ काम का अनुमान लगाया गया है।
  • 35% आईटी/बीपीओ कंपनियों में कम से कम 100 व 13.8% में 500 या इससे ज्यादा काम कर रहे थे।
  • 18% कंपनियां स्वास्थ्य क्षेत्र की ऐसी जहां 100 या अधिक कर्मी थे।
  • 29% रही महिला वर्कर्स की भागीदारी। यह छठी आर्थिक जनगणना में दर्ज 31% से कम है।
  • 9 चुने क्षेत्रों में कार्यरत कर्मियों में 88% स्थायी व 2% अस्थायी हैं।
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