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किसान आंदाेलन:पटना से दिल्ली-अंबाला तक दिखा असर, उत्तर रेलवे ने 25 ट्रेनाें का समय बदला

नई दिल्ली11 दिन पहले
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फरीदाबाद, पलवल, समेत एनसीआर के कुछ स्टेशनों पर रोकी ट्रेनें - Dainik Bhaskar
फरीदाबाद, पलवल, समेत एनसीआर के कुछ स्टेशनों पर रोकी ट्रेनें
  • दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-जम्मू, दिल्ली-भोपाल मार्ग पर अधिक प्रभाव
  • महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में भी कई स्टेशनाें पर रेलें रोकने की कोशिश
  • फरीदाबाद, पलवल, समेत एनसीआर के कुछ स्टेशनों पर रोकी ट्रेनें

केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के 85वें दिन गुरुवार को किसानों ने देशभर में रेल राेकाे आंदोलन किया। पटना से लेकर दिल्ली, अंबाला तक में इसका असर दिखा। आंदोलन के चलते उत्तर रेलवे को 25 ट्रेनाें के समय में बदलाव करना पड़ा।

करीब 40 संगठनों के ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ की अपील पर किसानाें ने दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक देश के विभिन्न हिस्सों में ट्रेनें रोकीं। इसका सर्वाधिक असर पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दिखा। पंजाब में 40 से ज्यादा स्थानाें पर रेलवे ट्रैक बाधित किया गया। किसानाें ने ट्रैक पर प्रदर्शन किया।

हरियाणा में कुछ जगहों में किसानाें ने ट्रैक पर ही चाैपाल लगाई। महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में भी कई स्टेशनाें पर रेलवे ट्रैक पर बैठकर ट्रेनाें काे राेकने का प्रयास किया गया। पटना में भी ट्रेनें रोकी गईं। दिल्ली में टीकरी बाॅर्डर सहित चार मेट्रो स्टेशनों को बंद किया गया।

रेल रोको आंदोलन का सबसे अधिक असर दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-जम्मू, दिल्ली-भोपाल और दिल्ली-हावड़ा रूट पर पड़ा। राजस्थान के जयपुर समेत 6 जिलों में किसानाें ने रेल पटरी पर बैठकर प्रदर्शन किए। पश्चिम बंगाल के नादिया में भी कई किसान और राजनीतिक संगठन रेल रोको प्रदर्शन में शामिल हुए। किसानाें का रेल राेकाे प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा।

कहीं से हिंसा या तोड़फोड़ की खबर नहीं आई। किसान नेताओं ने रेल राेकाे काे सफल बताया। उन्होंने मोदी नगर रेलवे स्टेशन पर पुलिसकर्मियों को मिठाई बांटी और गुलाब के फूल दिए। गाैरतलब है कि तीन नए कृषि कानूनाें के खिलाफ पिछले साल नवंबर से ही दिल्ली की सीमाओं पर हजारों किसान धरना दे रहे हैं।

दावा-25 ट्रेन मामूली रूप से बाधित

तीन कृषि कानूनों के विरोध में गुरुवार को किसानों के रेल रोको अभियान का दिल्ली में असर भी देखने को मिला। यहां करीब आधा दर्जन ट्रेन देरी से रवाना हुई। आरपीएफ के द्वारा लोकल पुलिस के साथ सतर्कता के कारण आंदोलनकारी दिल्ली में ट्रैकों पर पहुंचने में विफल रहे। फरीदाबाद, पलवल, मोदी नगर समेत एनसीआर के कुछ स्टेशनों पर ट्रेनें रोकी गई।

इसके अलावा नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, आनंद विहार टर्मिनल समेत बड़े स्टेशनों पर सुरक्षा दिखी चौकस दिखी। उत्तर रेलवे अधिकारियों ने मीडिया को ब्रीफिंग जारी कर कहा कि फिरोजपुर, लखनऊ, अंबाला व मुरादाबाद में कुल करीब 25 ट्रेन मामूली रूप से बाधित हुई। इनमें से कुछ को रोककर भेजा तो कुछ का समय बदलकर उनका संचालन किया गया।

अारपीएफ के 20 हजार अतिरिक्त जवान तैनात रहे

रेलवे ने पूरे देश में आरपीएफ (रेल सुरक्षा बल) के 20 हजार अतिरिक्त जवान तैनात किए थे। पंजाब, हरियाणा में रेलवे पुलिस सतर्क रही। पटरियाें की विशेष निगरानी की गई। इस बाबत रेलवे ने कहा कि ट्रेनों की आवाजाही पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है। कुछ इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनें रोकीं। लेकिन शाम तक सभी जोन में आवाजाही सामान्य हो गई।

सुरक्षा कारणों से 5 घंटे बंद रहे चार मेट्रो स्टेशन
दिल्ली मेट्रो की ग्रीन लाइन के चार मेट्रो स्टेशन गुरूवार को सुरक्षा कारणों से पांच घंटे तक बंद रहे। इस कारण यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। गंतव्य स्थल तक पहुंचने में यात्रियों को देरी हुई। हालांकि यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन बंद होने की जानकारी दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने ट्वीट करके भी दी थी।

मेट्रो ट्वीट के अनुसार सुबह 11 बजकर 19 मिनट पर टिकरी बॉर्डर, पंडित श्री राम शर्मा, बहादुरगढ़ सिटी और बिग्रेडियर होशियार सिंह मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकासी द्वार को सुरक्षा कारण से बंद कर दिया गया है। फिर शाम चार बजकर 19 मिनट पर दिल्ली मेट्रो ने इन सभी स्टेशनों के प्रवेश और निकासी द्वार खुल जाने की जानकारी दी।

फसल नहीं काटेंगे किसान, जला देंगे : टिकैत
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने हरियाणा में कहा, ‘केंद्र सरकार इस मुगालते में न रहे कि किसान फसल कटाई के लिए जाएंगे। यदि उन्होंने हठ किया तो हम अपनी फसलों को जला देंगे। उन्हें यह नहीं सोचना चाहिए कि प्रदर्शन दो महीने में खत्म हो जाएगा।

हम फसल के साथ-साथ प्रदर्शन भी करेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘फसलों की कीमत नहीं बढ़ाई जा रही है, लेकिन ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं। यदि केंद्र स्थिति को बिगाड़ता है तो हम अपने ट्रैक्टर लेकर बंगाल भी जाएंगे।’ गौरतलब है कि बंगाल में अप्रैल-मई में चुनाव हैं। वहां भाजपा अपने इस बार बेहतर संभावनाएं देख रही है।

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